मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी धर्मशालाओं, आश्रमों व होटलों को कोविड के दृष्टिगत क्या करें और क्या न करें, की मार्गदर्शिका उपलब्ध कराई जाए, साथ ही वहां पर काम करने वालों को प्रशिक्षण दिया जाए। सभी काम समय पर पूरे हो, इसके लिए दो शिफ्टों में काम किया जा सकता है। व्यापार मंडल के सहयोग से अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाए। हरिद्वार में सड़कों को जल्द दुरुस्त किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरी काम कराए जाएं।
बैठक में मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुंभ मेले के विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि हरिद्वार में कूड़ा निस्तारण के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इस पर लगभग 35 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हरिद्वार में 1000 बेड का कोविड केयर सेंटर बनाया जाएगा। मेले के लिए 400 से 500 डॉक्टरों की अतिरिक्त जरूरत होगी। एंबुलेंस की भी आवश्यकतानुसार व्यवस्था की जा रही है।
बाइक एंबुलेंस और बोट एंबुलेंस के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे कुंभ मेला क्षेत्र को 23 सेक्टर में विभाजित किया गया है। किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए अतिरिक्त टीमें रिजर्व में रहेंगी। अधिकारियों के लिंक अधिकारी भी नामित किए जाएंगे। बैठक में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, सचिव आरके सुधांशु, नितेश झा, शैलेश बगोली, सौजन्या, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, गढ़वाल मंडल आयुक्त रविनाथ रमन, आईजी अभिनव कुमार, संजय गुन्ज्याल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।