वैष्णव संतों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। यदि राज्य सरकार संतों की मांग नहीं मानती है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर हरिद्वार कुंभ को दिव्य व भव्य रूप से संपन्न कराने की मांग की जाएगी।
कहा कि यदि सरकार अखाड़ों का सहयोग नहीं करती है तो चार जनवरी के बाद अखाड़े अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर देंगे। महंत धर्मदास महाराज और महंत राजेंद्रदास महाराज ने कहा कि वैष्णव संत होटल या धर्मशालाओं में रहकर कुंभ स्नान नहीं करेंगे।
बैठक में अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज, श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन के मुखिया महंत भगतराम महाराज, महासचिव जगतार मुनि, श्रीमहंत रविंद्रपुरी, महंत जसविन्दर सिंह, श्रीमहंत सत्यगिरी, श्रीमहंत साधनानंद, महंत दामोदर दास आदि संत मौजूद रहे।
महंत नरेंद्र गिरि ने बैरागी कैंप पहुंचकर तीनों बैरागी अखाड़ों के संतों से कुंभ मेले की व्यवस्थाओं पर चर्चा की। श्रीपंच निर्मोही अणी अखाड़े के अध्यक्ष महंत राजेंद्रदास ने कहा कि कुंभ मेला सनातन धर्म का सबसे बड़ा पर्व है। मेले को भव्य और दिव्य बनाना सभी संतों का दायित्व है। मेला प्रशासन बैरागी संतों की उपेक्षा कर रहा है। श्रीपंच निर्वाणी अणी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत धर्मदास ने कहा कि कुंभ मेला प्रारंभ होने में बहुत कम समय शेष रह गया है।
मेला प्रशासन तीव्र गति से बैरागी कैंप क्षेत्र के मेले से जुड़े सभी कार्य पूर्ण करें। महंत गौरी शंकर दास एवं महंत रामशरणदास ने कहा कि कुंभ मेले के दौरान लाखों की संख्या में वैरागी संत बैरागी कैंप क्षेत्र में आगमन करते हैं। मूलभूत सुविधाएं न मिलने से संत महापुरुषों के साथ-साथ श्रद्धालुओं को भी भारी दिक्कतों का सामना पड़ सकता है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने बैरागी संतों को आश्वासन दिया कि कुंभ मेला दिव्य रूप से ही संपन्न होगा।