महामंडलेश्वर स्वामी वीरेंद्रानंद ने कहा कि भारत की धार्मिक विरासत बहुत समृद्ध और विश्वव्यापी है। इन परंपराओं को और मजबूती देकर पूरे विश्व में देव डोलियों की पताका फहराने की जरूरत है। आयोजन समिति के अध्यक्ष पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं झालीमाली देवी आश्रम, क्यूकालेश्वर पौड़ी गढ़वाल के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत गांववासी ने कहा कि देव डोलियों के शाही स्नान की परंपरा सनातन धर्म का प्रतीक है।
इसे लोक संस्कृति और धार्मिक आस्था को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किया जाता है। कोविड महामारी के चलते प्रतीकात्मक रूप से शाही स्नान के लिए देव डोलियां हरिद्वार आई हैं। भविष्य में कोविड की मुक्ति के बाद इसे और भव्य रूप प्रदान किया जाएगा। उन्होंने आयोजन में सहयोग के लिए कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, आईजी कुंभ संजय गुंज्याल आदि की सराहना की। इस दौरान जागर का भी आयोजन किया गया।
ये रहे मौजूद
उप मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती, पुलिस उपाधीक्षक प्रकाश देवली, सेक्टर मजिस्ट्रेट योगेश सिंह मेहरा, संस्थापक विद्यादत्त रतूड़ी, मनोज रसिक, वंशीधर पोखरियाल, रमेश पैंयूली, ज्योति सिंह सजवाण, संजय शास्त्री, स्वामी प्रकाशानंद, द्वारिका बिष्ट, आशुतोष गिरि, मुकेश कोठियाल, देवेंद्र दत्त कोठियाल, आदेश गिरि, भगवान सिंह रांगड़, डीएल गुसाईं, सुरवीर सिंह मटुड़ा आदि।