हरिद्वार में कोविड-19 संक्रमण की रफ्तार तेज हो गई है। शुक्रवार को कोरोना काल में 24 घंटे में अब तक सर्वाधिक 1175 नए मरीज आने का रिकॉर्ड बन गया। प्रत्येक सवा मिनट की अवधि में एक पॉजिटिव मिला है। नए मरीजों की तुलना में ठीक होने वालों की दर मात्र दस फीसदी से गिरकर सात फीसदी आ गई है। जबकि प्रतिदिन सैंपलिंग की तुलना में संक्रमण की दर 5.53 फीसदी पहुंच गई है। कोरोना पर कंट्रोल नहीं हुआ तो संक्रमण की दर बढ़ने के साथ रिकवरी दर गिरेगी और हालात बेकाबू होने की आशंका होने लगी है।
धर्मनगरी में शुक्रवार को 24 घंटे की अवधि में 1175 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। अधिकतर लोग स्थानीय हैं। मरीजों की तुलना में 21942 सैंपल हुए हैं। महामारी फैलने के साथ प्रत्येक सवा मिनट में नया व्यक्ति संक्रमण की चपेट में आ रहा है। शुक्रवार को मात्र 81 लोग डिस्चार्ज हुए हैं। इस लिहाज से नए मरीजों की तुलना में रिकवरी दर मात्र 6.89 फीसदी है।
एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर अब 2521 पहुंच गई है। इनमें 1908 होम आइसोलेट हैं। कोविड की दहशत के बीच राहत इतनी भर है कि 75 फीसदी मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं हैं और होम आइसोलेट हैं। 11 फीसदी मरीजों को ही अस्पतालों में भर्ती किया गया है। जबकि 13 फीसदी मरीज मामूली लक्षणों के चलते कोविड केयर सेंटरों में भर्ती हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में पिछले साल कोरोना की शुरुआत से अब तक 11,32,717 सैंपल हुए हैं। इनमें पॉजिटिव मरीजों की संख्या 24,530 (दो फीसदी से अधिक) है। जबकि 38,670 (3.41 फीसदी) जांचों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी हैं। वहीं, 24 घंटे की अवधि में जांचों की तुलना में संक्रमण की दर साढ़े पांच फीसदी है। लोगों की लापरवाही से संक्रमण की दर बढ़ने की आशंका है। शहर के वार्डों और सरकारी एवं निजी दफ्तरों के अलावा गांव-देहात तक संक्रमण का फैलाव बढ़ने लगा है।
कुंभ भीड़ कम होने से गिरने लगी सैंपलिंग
हाईकोर्ट के आदेश पर कुंभ स्नान के दौरान सैंपलिंग का ग्राफ लगातार बढ़ा। कोर्ट ने 50 हजार आरटीपीसीआर सैंपल रोजाना करने के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग और मेला प्रशासन रोजाना 80 हजार तक सैंपल कर रहा था, लेकिन स्नान की भीड़ कम होने के साथ सैंपलिंग भी गिरने लगी है। औसतन रोजाना 20 से 22 हजार सैंपल हो रहे हैं।