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कुंभ में कोविड टेस्टिंग फर्जीवाड़ा : 50 हजार रिपोर्ट का सत्यापन, 15 दिन की अवधि पूरी, जांच अब भी अधूरी

Wed, 30 Jun 2021 02:44 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

कोविड की 50 हजार रिपोर्ट की क्रॉस चेकिंग में कई फर्जी नाम, पते और मोबाइल नंबर सामने आए हैं। ऐसे में जिलाधिकारी ने जांच की अवधि बढ़ा दी है। 
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कोविड जांच के लिए सैंपल लेती महिला स्वास्थ्यकर्मी - फोटो : Wildlife SOS
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विस्तार
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कुंभ में कोविड टेस्टिंग के कथित फर्जीवाड़े की जांच अवधि एक सप्ताह बढ़ा दी है। सीडीओ सौरभ गहरवार की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय टीम को 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपनी थी। जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने और नए-नए मामले जुड़ने से निर्धारित अवधि में जांच पूरी नहीं हो सकी है।

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आरोपियों के बयानों में भी समानता नहीं है। कोविड की 50 हजार रिपोर्ट की क्रॉस चेकिंग में कई फर्जी नाम, पते और मोबाइल नंबर सामने आए हैं। ऐसे में जिलाधिकारी ने जांच की अवधि बढ़ा दी है। 

सीएमओ हरिद्वार की ओर से कोविड टेस्टिंग फर्जीवाड़े में मैक्स कॉरपोरेट सर्विस, नलवा लैब और डॉ. लाल चंदानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। एसएसपी ने जांच के लिए एसआईटी भी गठित की है। स्वास्थ्य विभाग भी जांच करवा रहा है। सीडीओ की अध्यक्षता में कथित फर्जीवाड़े की जांच चल रही है।
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शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी सी. रविशंकर ने 12 जून को सीडीओ सौरभ गहरवार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। कमेटी को 15 दिन में जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपनी थी। जांच कमेटी सीएमओ स्वास्थ्य डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर, सीएमओ हरिद्वार डॉ. एसके झा के अलावा स्वास्थ्य से जुड़े अधिकारियों और आरोपियों के बारी-बारी से बयान दर्ज करवा चुकी है।

सूत्रों के मुताबिक बयानों में समानता नहीं है। जांच में कई अनसुलझे तथ्य सामने आए हैं। गहनता से इनकी पड़ताल की जा रही है। 

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दोनों लैब की जांच रिपोर्ट का सत्यापन भी किया जा रहा

जिलाधिकारी सी रविशंकर के मुताबिक दोनों लैब की जांच रिपोर्ट का सत्यापन भी किया जा रहा है। जिन लोगों की जांच हुई है, उनके मोबाइल पर संपर्क किया जा रहा है। जिलाधिकारी के मुताबिक 50 हजार जांच रिपोर्ट का सत्यापन हो चुका है। जांच में कई नए मामले सामने आ रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक सत्यापन में फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। उन लोगों की जांच दर्शायी गई है जो कुंभ अवधि में हरिद्वार आए ही नहीं। कई एंट्री में एक ही नाम और पता दर्ज किया गया है। जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर जांच अवधि का समय हफ्ते भर बढ़ाया गया है।

कथित फर्जीवाड़े की जांच में नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। इनकी गहनता से पड़ताल की जा रही है, इसलिए निर्धारित समय अवधि में जांच पूरी नहीं हो सकी। जांच अवधि को हफ्ते भर बढ़ाई गई है। आरोपियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। अभी तक 50 हजार रिपोर्ट का सत्यापन भी हो चुका है। मामले में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।  
- सी. रविशंकर, जिलाधिकारी

दोनों लैब पर फर्जी रिपोर्ट बनाने का आरोप
कुंभ अवधि में मेला स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं की कोविड जांच कराए जाने के लिए 11 लैब से अनुबंध किया था। लैब ने बॉर्डर से लेकर मेला क्षेत्र में करीब छह लाख कोविड टेस्ट किए थे। आरोप है कि अकेले डॉ. लाल चंदानी और नलवा लैब ने एक लाख 23 हजार टेस्ट किए।

दोनों लैब को मैक्स कॉरपोरेट सर्विस से हायर किया था। आरोप था कि इन्हीं लैब से कोविड की फर्जी निगेटिव रिपोर्ट की एंट्री करवाई है। हालांकि, पुलिस एवं प्रशासनिक जांच रिपोर्ट में सच्चाई जल्द सामने आ जाएगी।
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