जिलाधिकारी सी रविशंकर के मुताबिक दोनों लैब की जांच रिपोर्ट का सत्यापन भी किया जा रहा है। जिन लोगों की जांच हुई है, उनके मोबाइल पर संपर्क किया जा रहा है। जिलाधिकारी के मुताबिक 50 हजार जांच रिपोर्ट का सत्यापन हो चुका है। जांच में कई नए मामले सामने आ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक सत्यापन में फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। उन लोगों की जांच दर्शायी गई है जो कुंभ अवधि में हरिद्वार आए ही नहीं। कई एंट्री में एक ही नाम और पता दर्ज किया गया है। जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर जांच अवधि का समय हफ्ते भर बढ़ाया गया है।
कथित फर्जीवाड़े की जांच में नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। इनकी गहनता से पड़ताल की जा रही है, इसलिए निर्धारित समय अवधि में जांच पूरी नहीं हो सकी। जांच अवधि को हफ्ते भर बढ़ाई गई है। आरोपियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। अभी तक 50 हजार रिपोर्ट का सत्यापन भी हो चुका है। मामले में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
- सी. रविशंकर, जिलाधिकारी
दोनों लैब पर फर्जी रिपोर्ट बनाने का आरोप
कुंभ अवधि में मेला स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं की कोविड जांच कराए जाने के लिए 11 लैब से अनुबंध किया था। लैब ने बॉर्डर से लेकर मेला क्षेत्र में करीब छह लाख कोविड टेस्ट किए थे। आरोप है कि अकेले डॉ. लाल चंदानी और नलवा लैब ने एक लाख 23 हजार टेस्ट किए।
दोनों लैब को मैक्स कॉरपोरेट सर्विस से हायर किया था। आरोप था कि इन्हीं लैब से कोविड की फर्जी निगेटिव रिपोर्ट की एंट्री करवाई है। हालांकि, पुलिस एवं प्रशासनिक जांच रिपोर्ट में सच्चाई जल्द सामने आ जाएगी।