एक अगस्त से शुरू हो रहे 12 दिनी कांवड़ मेले के लिए हरिद्वार स्थित हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर शिवभक्तों का प्रस्थान शुरू हो गया है।
देश की सबसे बड़ी इस यात्रा में पिछले वर्ष 2.65 करोड़ कांवड़िए धर्मनगरी पहुंचे थे। लेकिन इस बार इनकी संख्या तीन करोड़ तक पहुंचने का अनुमान प्रशासन लगा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में शिवभक्तों के पहुंचने के लिए प्रशासन ने कब से कहां और क्या इंतजाम किए हैं। इस बारे में बता रही है डॉ. योगेश योगी की रिपोर्ट...
दो चरण:
पहला चरण: एक अगस्त से सात अगस्त तक।
दूसरा चरण: आठ अगस्त से 12 अगस्त तक।
खुला रहेगा राजमार्ग : - प्रशासन का दावा है कि इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार-दिल्ली राजमार्ग खुला रहेगा। कांवड़ियों को नहर पटरी से जिले से रवाना करेंगे ताकि हरिद्वार दिल्ली हाईवे बंद न हो। कांवड़िए नहर पटरी से हाईवे पर न जाएं, इसके लिए पटरी के किनारे टीनशेड की दीवार खड़ी की गई है।
रोडवेज बस :
एक से सात अगस्त तक रोडवेज बस हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान तक आएंगी।
आठ अगस्त से दिल्ली-मेरठ, मुजफ्फरनगर से आने वाली रोडवेज बसें वाया बिजनौर होते हुए नीलधारा पार्किंग में रुकेंगी और यहीं से वापस जाएगी।
सहारनपुर, हरियाणा, पंजाब से आने वाली रोडवेज बसें देहरादून होते हुए मोतीचूर पार्किंग में पहुंचेगी। उनकी वापसी भीमगोडा बेराज से चीला होते हुए देहारादून से नजीबाबाद वाया चंडीचौक से होगी।
ऋषिकेश से आ रही बसें सीधे मोतीचूर पार्किंग तक पहुंचेगी और चीला मार्ग से वापस जाएगी। नजीबाबाद से आ रही बसें चीला मार्ग से देहरादून-ऋषिकेश जाएगी।