हरिद्वार जिला जेल में चल रही अव्यवस्था को लेकर आखिरकार एडीजी जेल पीवीके प्रसाद की नींद टूट ही गई। एडीजी ने सोमवार को जेल अधीक्षक अशोक कुमार को जेल मुख्यालय देहरादून अटैच कर दिया है, फिलहाल अधीक्षक का कार्यभार किसी दूसरे अधिकारी को नहीं सौंपा है।
जेल अधीक्षक के कार्यकाल में कैदियों और बैरकों से मोबाइल फोन मिलने का एक लंबा सिलसिला चलता रहा। आहत बंदी रक्षकों ने जेल अधीक्षक के खिलाफ मोर्चा खोलकर जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाला था और बंदी रक्षकों पर कुख्यात जीवा के शूटरों ने भी हमला कर दिया था। कई हत्याकांडों की पटकथा भी हरिद्वार जेल में बैठकर ही तैयार की गई थी। समय-समय पर पुलिस इस हकीकत से पर्दा भी उठाती रही।
जेल के अंदर से रंगदारी भी मांगने के प्रकरण सामने आते रहे। जेल में शराब मुर्गे की पार्टी की भी खूब चर्चा हुई थी। सोमवार को एडीजी पीवीके प्रसाद ने शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए जेल अधीक्षक अशोक कुमार को जेल मुख्यालय देहरादून अटैच करने के आदेश जारी किए, उनके स्थान पर किसी को नहीं भेजा गया है। एडीजी जेल ने बताया कि जेल अधीक्षक के खिलाफ कई शिकायतें आई थी, उसी पर संज्ञान लेते हुए उन्हें पद से हटाया गया है।