धर्मसंसद में नफरती भाषण के बाद संतों के ऊपर दर्ज हुए मुकदमों एवं एसआईटी गठन के विरोध में बुधवार को धर्मसंसद की कोर कमेटी पदाधिकारियों की बैठक हुई। कमेटी सदस्यों ने प्रदेश सरकार पर एकतरफा कार्यवाही का आरोप लगाया। कहा कि 16 जनवरी को बैरागी कैंप में प्रतिकार सभा आयोजित की जाएगी। इसमें प्रदेश भर से संत और हिंदुवादी संगठनों के पदाधिकारी शामिल होंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।
भूपतवाला स्थित शांभवी धाम में धर्मसंसद संयोजक स्वामी आनंद स्वरूप के आश्रम में बुधवार को कोर कमेटी की बैठक हुई। कमेटी के सभी सदस्य इसमें शामिल रहे। संतों ने आरोप लगाया कि धर्मसंसद मामले में फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई। इससे संतों में आक्रोश है। संतों ने कहा कि समाज को सजग करना उनका काम है। शास्त्रों में यहीं लिखा है।
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कोर कमेटी सदस्यों ने कहा कि हिंदू समाज के हितों के लिए लड़ना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, न कि कोई घृणा को बढ़ाने वाला भाषण है। संतों ने सरकार पर भी सवाल उठाए। कहा कि उन लोगों के खिलाफ कोई मुकदमा क्यों नहीं होता है जो हिंदू धार्मिक ग्रंथों एवं पुस्तकों को जलाते हैं। देवी-देवताओं की प्रतिमाएं तोड़ते हैं। अपमान करते हैं। संतों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा एसआईटी गठित कर संतों के विरुद्ध एकतरफा मुकदमे दर्ज किए हैं। इससे सरकार का संतों के प्रति क्या दृष्टिकोण है, इसका भी पता चलता है।
धर्मसंसद की कोर कमेटी ने निर्णय लिया है कि16 जनवरी को बैरागी कैंप में हिंदू प्रतिकार सभा आयोजित होगी। जिसमें संतों के विरुद्ध किए गए मुकदमा एवं एसआईटी गठन का प्रतिकार किया जाएगा। कोर कमेटी बैठक में कई संतों ने वर्चुअल भी हिस्सा लिया। इस दौरान महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरि, धर्मसंसद संयोजक स्वामी आनंद स्वरूप संयोजक धर्मसंसद, महामंडलेश्वर नरसिंहानंद गिरि, महामंडलेश्वर साध्वी अन्नपूर्णा भारती, महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानन्द सरस्वती, महामंडलेश्वर राघवेन्द्र भारती, महामण्डलेश्वर स्वामी रामेश्वरानन्द सरस्वती, महामण्डलेश्वर स्वामी शिवानंद, स्वामी परमानंद, स्वामी अमृतानंद, स्वामी धर्मदास, स्वामी ललितानंद, स्वामी सागर सिंधु राज, स्वामी विनोद, स्वामी सतवृतानन्द सरस्वती, सदस्य जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी, अधीर कौशिक, स्वामी हितेश्वरानन्द सरस्वती, स्वामी महेश स्वरूप, स्वामी बलराम मुनि, स्वामी दर्शन भारती आदि मौजूद रहे।