एसएसपी ने बताया कि आरोपी ने बताया कि वर्ष 2007 में रंजिश के चलते भाइयों के साथ गांव में रहने वाले नसीब पुत्र गौरम की हत्या कर दी थी। हत्या में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वह रोहतक जेल में बंद था। वर्ष 2023 सितंबर में पैरोल पर 21 दिन के लिए जेल से बाहर आया था।
सजा से बचने के लिए हरिद्वार के बहादराबाद स्थित दौलतपुर गांव में पहचान छिपाकर रह रहा था। एसपी सिटी पंकज गैरोला ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश में एक टीम लगाई गई है। सोमवार को आरोपी को अस्पताल से छुट्टी मिलने पर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।