सेमवाल के मुताबिक प्लांट में ऐसी मशीनें लगेंगी, जिनके माध्यम से प्लास्टिक को अलग अलग छांटकर पहले उसका कच्चा दाना तैयार किया जाएगा और कच्चे दाने से प्लास्टिक का ऐसा ठोस माल तैयार किया जाएगा जो कुर्सी, मेज, डबलबेड, प्लास्टिक के दरवाजे आदि सामान बनाने के काम आएगा।
पंचायती राज विभाग के निदेशक के अनुसार सिडकुल के आसपास के क्षेत्र को प्लांट के लिए इसलिए चुना गया है, क्योंकि यहां फैक्ट्रियों से काफी प्लास्टिक वेस्टेज निकलता है।
आसपास के गांवों को भी मिलेगा लाभ
यह प्लांट आसपास की ग्राम पंचायतों सलेमपुर, रावली महदूद, आन्नेकी, औरंगाबाद, बहादराबाद तथा आसपास के क्षेत्र की ग्राम सभाओं में निकलने वाले प्लास्टिक के कचरे का भी निस्तारण करेगा। शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारी बड़े पैमाने पर की जा रही है।
- रमेश चंद त्रिपाठी, जिला पंचायतराज अधिकारी