हरिद्वार जिले से दिल्ली की खुफिया एजेंसियों द्वारा उठाए गए चार संदिग्ध आतंकियों के मामले में अहम जानकारी हाथ लगी है। पूछताछ में पता चला है कि ये आतंकी हरिद्वार अर्द्घकुंभ में ब्लास्ट करने की फिराक में थे।
बुधवार को दिल्ली पुलिस ने मंगलौर से गिरफ्तार किए गए इन संदिग्धों को कोर्ट में पेश किया। जहां से इन चारों आरोपियों को 15 दिन की रिमांड में लिया गया है। पूछताछ में इन संदिग्धों ने बड़ा खुलासा किया है। इनका मकसद हरिद्वार अर्द्घकुंभ में विस्फोट करना था। इसके लिए इन्होंने हरिद्वार की रेकी भी की थी।
सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए इन चारों आतंकियों का संबंध आतंकी संगठन आईएसआईएस से है। फिलहाल, अभी इस बात कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इन आतंकियों की पहचान अखलाक पुत्र नसीम निवासी मंगलौर, ओसामा पुत्र रसीद अहमद निवासी लंढौरा, मो. अजीज पुत्र अब्दुल सत्तार निवासी लंढौरा, मो. महराज पुत्र नजुल निवासी लंढौरा के रूप में हुई है। इनमें से एक आतंकी अखलाक मंगलौर के ही एक गांव में अपेक्स इंटर कॉलेज में पढ़ाता है और खुद इमलीखेड़ा फोनिक्स से बीटेक कर रहा है।
कई दिनों से घात लगाए बैठी थी खुफिया एजेंसी
दिल्ली की खुफिया एजेंसियों ने हरिद्वार जिले के रुड़की और मंगलौर में छापेमारी कर चार संदिग्ध आतंकी उठाए। कई दिन से डेरा डाले खुफिया तंत्र ने मंगलवार को ऑपरेशन को अंजाम दिया।
अमरोहा जिले के इन संदिग्ध आतंकियों को पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया है। आशंका जताई जा रही है कि पकड़े गए संदिग्धों के तार पठानकोट आतंकी हमले से जुड़े हो सकते हैं और बुधवार को जांच एजेंसियां इस ऑपरेशन का खुलासा कर सकती हैं।
दिल्ली की आईबी और स्पेशल सेल की टीम करीब एक सप्ताह से रुड़की और मंगलौर से जुड़े ग्रामीण क्षेत्र के कुछ संदिग्धों पर नजर गड़ाए बैठी थी। ऑपरेशन में उत्तराखंड के खुफिया अधिकारियों को विश्वास में लेकर मंगलवार को छापेमारी की गई है। गढ़वाल रेंज के आईजी संजय गुंज्याल भी पूरी कार्रवाई पर नजरें जमाए रहे।
पठानकोट आतंकी हमले से जुड़े हो सकते हैं तार
हरियाणा के मेवात में धरे गए आतंकी और पठानकोट में आतंकी हमले के संबंध में संदिग्धों से उनके तार जुड़ने की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों का दावा है कि मंगलौर में छिपे हुए यह आतंकी उत्तराखंड के कई हिस्सों में भ्रमण कर चुके हैं। आईबी टीम एक सप्ताह से इन संदिग्धों पर निगरानी रखे हुई थी। सही मौका मिलते ही उसने ऑपरेशन को अंजाम दे दिया।
पकड़े गए एक संदिग्ध का नाम अखलाक बताया जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। उधर, रुड़की के एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल किसी तरह की कार्रवाई की जानकारी होने से इनकार किया था।