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सामने आए हरक, बोले ' मैं ऐसी घृणित हरकत नहीं कर सकता'

Thu, 04 Aug 2016 08:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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हरक सिंह रावत - फोटो : ANI
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अक्सर चर्चा में रहने वाले उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत फिर से चर्चा में है। उन पर एक महिला ने दिल्ली में बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप लगाने वाली महिला ने बुधवार को कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया है। आरोप लगने के बाद ही हरक का मोबाइल फोन बंद जा रहा था, लेकिन बुधवार को उनका फोन खुल गया। इस पूरे मामले पर उन्होंने विस्तार से अपना पक्ष रखा। 
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हरक ने बताया कि उनके खिलाफ ऐसी साजिश 2003 में भी रची जा चुकी है। उस वक्त उन्होंने तत्काल मंत्री पद छोड़ दिया था और खुद ही सीबीआई जांच और डीएनए टेस्ट की मांग उठाई थी। बाद में उन्हें सीबीआई की क्लीन चिट मिल गई थी।

मेरे मोबाइल पर मैसेज आ रहा था- 'प्लीज पिक द फोन'

हरक सिंह रावत - फोटो : AmarUjala
उन्होंने बताया कि मेरे मोबाइल फोन पर 27 जुलाई से ही मैसेज आ रहा था-प्लीज पिक द फोन, मुझे आप से जरूरी बात करनी है। कई मिस कॉल भी आई। बकौल रावत, मैं तो दिल्ली स्थित अपने घर में नहा रहा था तभी डोर बेल बजा। मैंने बाहर जाकर देखा तो एक मोहतरमा खड़ी थीं। मैंने तो उसे पहचाना तक नहीं। मुझे देखकर वह रोने लगी।

कहने लगी मुझे पैसों की जरूरत हैं, कुछ पैसे दे दो। मैंने कहा कि मेरे पास इस वक्त पैसे नहीं है, एटीएम से निकालकर कुछ पैसे दे सकता हूं। इसके बाद मेरे साथ वह लड़की बाहर आई। मैंने उसे एक रेस्टोरेंट में बैठा दिया और एटीएम से दस हजार रुपये निकालकर दिए।
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'मैं कहीं भागा नहीं था'

हरक सिंह रावत - फोटो : file photo
रुपये देते वक्त मैंने उससे कहा था कि तुमने तो मेरा राजनीतिक कैरियर तबाह करने में कोई कसर नहीं उठा रखी थी। इसके बाद वह चली गई। इसके बाद मीडिया में खबर आने लगी कि मेरे खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज हो गया। मैं तो सदमे में आ गया था, मुझे तो पता नहीं चला पा रहा था कि किसने रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस वजह से मैंने फोन बंद कर दिया था।

मैं कहीं नहीं भागा था। मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि इस तरह की घिनौनी हरकत मैं नहीं कर सकता हूं। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। ऐसे में तो कोई भी लड़की किसी के खिलाफ आरोप लगा सकती है।

मेरी मांग है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए। इस बात का पता लगाया जाना चाहिए कि किसने लड़की को मेरा फोन नंबर दिया, मेरे घर का पता बताया, किसके कहने पर उसने इस तरह आरोप लगाया। इसको लेकर मैं जनता की अदालत में जाऊंगा। 2007 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी मैंने जनता की अदालत में अपनी बात कही थी
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