हरक सिंह रावत (बाएं) और विजय बहुगुणा।
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ठीक चार साल पहले इन्हीं दिनों हरक सिंह रावत रूठे हुए थे। हरक सिंह अब भी रूठे हुए हैं। फर्क इतना है कि उस समय मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा थे और इस समय मुख्यमंत्री हरीश रावत हैं। उस समय हरक ने धारी देवी की कसम का हवाला देकर कहा था कि वह मंत्री नहीं बनेंगे।
इस समय उनकी नाराजगी है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत वन मैन शो बने हुए हैं। चार साल में राजनीति का क्रम कुछ इस तरह से बदला है कि हरक कल तक जिनसे खफा थे, आज उन्हीं के साथ दिखाई पड़ रहे हैं।
13 मार्च को सरकार के चार साल भी पूरे हो रहे हैं। 13 मार्च 2012 को विजय बहुगुणा ने मुख्यमंत्री का ताज संभाला था। ताज संभालते ही बहुगुणा को मुश्किलों का सामना भी करना पड़ा। हरीश रावत के समर्थक विधायकों के विरोध का उन्हें लगातार सामना करना पड़ा।
अपना निर्वाचन क्षेत्र बदलना चाह रहे हरक सिंह
हरीश रावत और विजय बहुगुणा
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ऐसे समय में हरक सिंह मनमाफिक पोर्टफोलियो न मिलने से नाराज थे। हरक सिंह यह तक कह बैठे थे कि उन्होंने धारी देवी की कसम खाई है कि वह मंत्री पद नहीं लेंगे। हालांकि, बाद में हरक मंत्री बने।
जून 2013 की आपदा के बाद 31 जनवरी 2014 को विजय बहुगुणा को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा और एक फरवरी 2014 को हरीश रावत ने मुख्यमंत्री पद संभाला था। अब ठीक चार साल बाद हरक सिंह रावत फिर से नाराज हैं। इस बार उनकी नाराजगी मुख्यमंत्री हरीश रावत के वन मैन शो को लेकर है।
बजट सत्र के दौरान विजय बहुगुणा और हरक सिंह रावत के बीच खासी खिचड़ी पकी और अब दोनों ही दिल्ली में हैं। सूत्रों के मुताबिक हरक सिंह इस समय अपना निर्वाचन क्षेत्र बदलना भी चाह रहे हैं। हालांकि, इसका इजहार उन्होंने अभी खुलकर नहीं किया है।
मुख्यमंत्री से कोई नाराजगी नहीं: हरक
सदन में जाते मुख्यमंत्री हरीश रावत।
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विजय बहुगुणा के साथ जाने और मुख्यमंत्री हरीश रावत से नाराजगी का कोई सवाल ही नहीं हैं। मैं व्यक्तिगत काम से दिल्ली आया हूं। रविवार को दून पहुंच जाऊंगा। इसके बाद दो कार्यक्रम हैं। एक कार्यक्रम में तो मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ ही रहना है। जहां तक मुख्यमंत्री हरीश रावत के वन मैन शो का सवाल है।
इसमें निहितार्थ नहीं देखा गया। मैने सिर्फ हरीश रावत की बात नहीं की थी। मैने छोटे प्रदेश की राजनीति की एक सामान्य बन गई परंपरा की ओर इशारा किया था। मंत्री, जिनमें मैं भी शामिल हूं, अपने निर्वाचन क्षेत्रों तक सीमित हो जा रहे हैं और मुख्यमंत्री हर जगह नजर आ रहे हैं। अपने विभाग के काम को देखने के लिए ही सही, मुझे भी पूरे प्रदेश में हर जगह जाना तो चाहिए ही।
-हरक सिंह रावत, कृषि मंत्री