देहरादून के गिरजाघरों में मध्यरात्रि को यीशु के जन्म के साथ मानो खुशी की लहर दौड़ गई।
कैरल की गूंज के बीच प्रभु के जन्म की खुशियों का दौर शुरू हो गया। चरनी में जन्मे यीशु को फादर ने सफेद कपड़े में लपेटा और गोद में उठाकर लोगों को प्रभु के दर्शन कराए।
लोगों ने एक दूसरे को यीशु के जन्म की बधाई दी। विशेष प्रार्थना के साथ मिस्सा बलिदान हुआ। इसमें प्रभु के जन्म से मृत्यु तक की घटनाएं सुनाई गईं।
सभी गिरिजाघरों की विशेष सजावट
सेंट फ्रांसिस गिरजाघर में ग्लोरिया डेविड और उनकी टीम ने हर्षित हम आए तेरे द्वार, नमन-नमन बालक यीशु जैसे भजन सुनाए। की-बोर्ड पर जेवियर डेविड ने साथ दिया। गिरिजाघर में साढ़े दस बजे से श्रद्धालु जुटने लगे थे। इस मौके लिए गिरिजाघरों की विशेष सजावट और रोशनी की गई।
फादर वलेरियन पिंटो ने बताया कि रात साढ़े 11 बजे से कैरल गाने की शुरुआत हुई। इसके बाद अंग्रेजी और हिंदी में प्रार्थना की गई। साढ़े बारह बजे मिस्सा बलिदान कार्यक्रम हुआ। रोड स्थित मॉरिसन मेमोरियल गिरजाघर में रात 11 बजे हिंदी में प्रार्थना हुई। इसके साथ क्रिसमस उत्सव की शुरुआत की गई।
पादरी पीजे सिंह ने बताया कि गिरिजाघर में सफेद क्रिसमस ट्री के साथ विश्व शांति की कामना की गई। सेंट जोंस गिरजाघर में भी प्रार्थना हुई। पादरी जेपी सिंह ने बताया कि क्रिसमस की दोपहर में विश्व शांति की कामना के साथ सद्भावना कार्यक्रम होगा।
ईसाई परिवार में गढ़वाली, पंजाबी और मलयाली बहुएं
नेशविला रोड निवासी डेविड परिवार की अनूठी पहचान है। परिवार की खासियत है कि यहां एक परिवार में गढ़वाल, बिहार, पंजाब और केरल से आई बहुएं साथ रहती हैं। ग्लोरिया डेविड ने बताया कि हमारी बहुएं अलग-अलग जगहों से हैं। हम ईसाई हैं, लेकिन घर में सभी धर्मों का आदर होता है।
पत्नी ईसाई और पति हिंदू
कालीदास रोड निवासी रीटा राणा भले ईसाई हों लेकिन उनके पति डॉ. सुधीर राणा हिंदू हैं। दोनों की शादी को वर्षों हो चुके है, लेकिन प्यार की डोर दिन प्रति दिन मजबूत हो रही है। रीटा सुधीर से शादी के फैसले से बेहद खुश हैं। कहती हैं, धर्म के नाम पर लड़ने वाले लोग समय खराब कर रहे हैं। हम सब एक हैं।
धर्म नहीं, मन बदलो
धर्मांतरण की खबरों से आहत जेवियर डेविड ने कहा कि मदर टेरेसा कहती थी धर्म परिवर्तन नहीं, मन परिवर्तन चाहती हूं। वो इंसान भगवान से क्या प्यार करेगा, जो इंसान से नहीं कर सका। हाल में रिलीज एक फिल्म में भी धर्मांतरण दिखाया गया है। नाराज डेविड ने कहा कि व्यक्ति को जिससे दिल से जुड़ने में खुशी मिलती है, वो जुड़े मगर काम हमेशा अच्छे करे।
गिरजाघर देखने पहुंचे बुजुर्ग
गढ़ी कैंट स्थित स्वाभिमान केंद्र के बुजुर्ग बुधवार सेंट फ्रांसिस गिरजाघर घूमने पहुंचे। यहां से वे लोग बुद्ध टेंपल चले गए। राजिंदर कौर ने बताया कि पूरी उम्र उत्तरकाशी में कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाया, लेकिन चर्च जिंदगी में पहली बार देखा। उनके साथ नीलम प्रभा, ऊषा वर्मा, हेमा, नलिनी, नारायण सिंह, डीएन नागपाल आदि भी गिरजाघर देखने पहुंचे।