उत्तराखंड के कुछ नौकरशाह इस कदर लापरवाह और बेपरवाह हैं जो अपने चीफ यानि मुख्य सचिव एन. रविशंकर की भी नहीं सुनते।
प्रमुख सचिवों, सचिव, प्रभारी सचिव की सूची जारी
ऐसे अधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाराज और खिन्न सीएस ने उन प्रमुख सचिवों, सचिव, प्रभारी सचिव की सूची जारी की है जो उनके निर्देशों का पालन कर रहे हैं।
जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, लोकनिर्माण, ऊर्जा, उद्योग, पर्यटन, शहरी विकास जैसे तमाम महत्वपूर्ण विभागों के आलाधिकारी हैं जिन्होंने सीएस के 18 नवंबर के निर्देशों को नजरअंदाज किया है।
इसमें सीएम से संबंधित विभागों के अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हैं। लिहाजा सीएस ने दुबारा निर्देश जारी किए गए हैं। दरअसल सीएस ने जनसमास्याओं के सिलसिले में मुलाकात के लिए अधिकारियों को समय निर्धारित कराने के निर्देश दिए थे।
इसका उद्देश्य लोगों को समस्याओं के समाधान के लिए सचिवालय में कार्यरत सक्षम अधिकारियों से मुलाकात के लिए लंबी प्रतीक्षा न करनी पड़े इधर-उधर भटकना न पड़े या कोई कठिनाई न हो। निर्धारित समयावधि की प्रति सचिवालय प्रवेशपत्र/ स्वागती कक्ष में भी नोटिस बोर्ड पर लगाने को कहा गया था।
प्रमुख सचिव, सचिव, प्रभारी सचिव, अपर सचिव, संयुक्त सचिवों के मुलाकात के लिए तय किए गए समय के अनुसार ही प्रवेश पत्र निर्गत करने के निर्देश दिए गए थे। इसी तरह से मीडिया कर्मियों को शासन स्तर की सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए शाम 4 बजे संबंधित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिवों को मीडिया सेंटर में जाकर जानकारी देने को कहा गया था।
सीएस के निर्देश पर कुछ अधिकारी तो आए लेकिन शेष ने रुचि नहीं दिखाई। सीएस का निर्देश पालन करने वालों में प्रमुख सचिव कृषि, नियोजन, जलागम, परिवहन, गृह एवं कारागार, सिंचाई, खादी एवं ग्रामोद्योग, सचिव सचिवालय प्रशासन, समाज कल्याण, भाषा, जनगणना पुर्नगठन और सचिव मानव अधिकार आयोग शामिल हैं।