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Haldwani Hinsa: छतों से पत्थरबाजी का किसी के पास न था जवाब, घरों में जमा थे पत्थर, पढ़ें बवाल की बड़ी बातें

Fri, 09 Feb 2024 10:31 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून

सार

प्रशासन के पूर्व में तोड़े गए अतिक्रमण का मलबा लोगों ने छतों पर इकट्ठा कर लिया था। गली में मौजूद लोगों को छिपने के लिए न जगह मिल रही थी न किसी घर की छत पर जाने का रास्ता।
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हल्द्वानी में भड़की हिंसा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हल्द्वानी के बनभूलपुरा में गुरुवार शाम को अतिक्रमण हटाने को लेकर भड़की हिंसा से इलाका जल उठा। पुलिस और प्रशासन की टीम पर स्थानीय लोगों ने पथराव कर दिया। इससे 50 से अधिक पुलिस कर्मी और निगम कर्मी समेत 300 से ज्यादा घायल हो गए। जेसीबी समेत कई वाहन फूंक दिए गए हैं। हालात बेकाबू होते देख इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात है।

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पढ़ें बवाल से जुड़ीं आठ बड़ी बातें
  • प्रशासन के पूर्व में तोड़े गए अतिक्रमण का मलबा लोगों ने छतों पर इकट्ठा कर लिया था
  • तंग गलियों के बीच से गुजर रहे पुलिस और प्रशासन के लोगों पर छतों से पत्थरों की बारिश का जवाब किसी के पास नहीं था
  • गली में मौजूद लोगों को छिपने के लिए न जगह मिल रही थी न किसी घर की छत पर जाने का रास्ता
  • कार्रवाई के बीच हर तरफ से पथराव होने लगा। शाम ढलते ही अंधेरा छा गया। पथराव, आगजनी और अंधेरे के बीच टीम फंस गई, जिस तरफ भी टीम जाती, उधर से पत्थर ही बरसते दिखे
  • अंधेरे के चलते रास्ते में गिरे वाहनों में फंसकर कई पुलिसकर्मी गिर गए। अंधेरे में टीम एक तरह से बदहवास सी हो गई। कुछ पुलिसकर्मी तो जैसे-तैसे निकल गए, पर कई पुलिसकर्मी वहीं फंसे रह गए
  • पथराव बढ़ने पर पुलिस टीम ने एके-47 से हवाई फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद भी उपद्रवी पथराव करते रहे। इसमें कुछ पुलिसकर्मी चोटिल हो गए
  • बवाल बढ़ता देख देर शाम करीब साढ़े 7 बजे उपद्रव कर रहे लोगों के पैर में गोली मारने के आदेश प्रशासन और पुलिस ने दिए
  • पुलिस की ओर से कई राउंड फायरिंग के बाद भी पथराव कम नहीं हुआ। इस दौरान छह को गोली लगने की सूचना आई

सरकारी जमीन पर मलिक का बगीचा क्षेत्र में अवैध कब्जा ढहाने की पुलिस, प्रशासन ने योजना तो बना ली, लेकिन इलाके की तंग गलियों का चक्रव्यूह समझने में चूक गई। यही भूल, उसके लिए आत्मघाती साबित हुई। यही नहीं क्षेत्र में अतिक्रमण वाली जगह के चारों ओर बस्ती बसी है। यहां दो से तीन मंजिला मकान बने हैं, जिनकी गिनती हजारों में है। पुलिस-प्रशासन टीम पर सामने से उपद्रवियों के पथराव करते ही छतों से पत्थरों की बारिश होने लगी। प्रशासन ने पुलिस के जोर से काम निकालने की कोशिश जरूर की, लेकिन उपद्रवी इतने उग्र हो गए, मानों जान लेने पर तुले हों। पत्थरबाजी के साथ उनके रौद्र रूप ने पुलिस फोर्स, प्रशासन और नगर निगम की टीम को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।

उद्रवियों और हमलावरों ने तंग रास्तों का उठाया फायदा

अतिक्रमण तोड़ने का जिस जगह पर काम हुआ, वहां जाने का एक ही रास्ता, वह भी महज 10 फुट चौड़ा है। इसके चारों ओर घनी आबादी है, जहां छोटी-छोटी गलियां हैं। जैसे ही टीम पहुंची, मुख्य मार्ग पर बवाल शुरू हो गया। टीम के अंदर घुसने के बाद चारों ओर से विरोध तेज हो गया। इलाके में पांच से अधिक गलियां हैं, जो काफी तंग हैं और किस गली से कब पत्थर आ रहा था, किसी को अंदाजा ही नहीं लग रहा था। यही वजह रही कि बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और निगम कर्मी घायल हुए। 

दूसरे जिलों से आई पुलिस को नहीं था हालात का अंदाजा

बनभूलपुरा की तंग गलियों में उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए अंदर घुस रही पुलिस फोर्स उनके ही जाल में फंसती नजर आई। घरों की छतों से पुलिसकर्मियों पर लगातार पथराव होता रहा। बमुश्किल गलियों से बचते-बचाते पुलिसकर्मी किसी तरह मुख्य सड़क पर आ सके। जानकारों की मानें तो बनभूलपुरा में भेजी गई पुलिस फोर्स दूसरे जिलों या अन्य थानों से आई थी जिन्हें इस इलाके का अंदाजा तक नहीं था। अधिकारियों के आदेश का पालन पूरा करने के लिए फोर्स अंदर तो घुस गई, लेकिन वह चक्रव्यूह में फंस गई, जिस कारण जान भी सांसत में आ गई।

संवेदनशील जगहों पर बढ़ाई गश्त 

बवाल के बाद पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। जिले में मिश्रित आबादी वाले थाना क्षेत्रों में संवेदनशील जगहों पर गश्त बढ़ा दी गई है। साथ ही दो कंपनी, दो प्लाटून पीएसी को हल्द्वानी भेजा गया है। 
ध्वस्तीकरण वाले नोटिस पर रोक पर सुनवाई 14 को मलिक का बगीचा और अच्छन का बगीचा क्षेत्र में अतिक्रमण के ध्वस्तीकरण वाले नोटिस पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई 14 फरवरी को होगी। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित ने मामले की सुनवाई की। 

वाटर कैनन और हवाई फायरिंग से भी नहीं रुके

बलभूलपुरा क्षेत्र में आग बुझाने पहुंची दमकल विभाग के वाहन को देखते ही उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने वाटर कैनन गन से उपद्रवियों पर पानी की बौछार कर उन्हें रोकने की कोशिश की। मगर, पथराव कम होने की बजाय बढ़ गया। 
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70 से अधिक वाहनों को लगाई आग

बनभूलपुरा में उपद्रव के दौरान 70 से अधिक वाहनों को जला दिया गया, जबकि कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई। इस दौरान बनभूलपुरा थाने में आग से कई साल पुराने रिकॉर्ड भी जलकर राख हो गए हैं।उपद्रवियों ने तीन जेसीबी समेत 70 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इनमें दो जेबीसी निगम ने किराए पर मंगाई थी, जबकि एक जेसीबी निगम की है। साथ ही निगम के 8 और पुलिस के एक चारपहिया वाहन को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि निगम के दो ट्रैक्टर को भी सड़क पर पलटकर आग लगा दी गई थी। साथ ही 40 से अधिक दोपहिया वाहनों को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया। बनभूलपुरा की गलियों में देर रात तक जहां-तहां दोपहिया वाहन जलते नजर आए, जिनको न कोई बुझाने वाला था और न ही इनके मालिकों का किसी को पता था।

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