फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज: रैगिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने पर मुकदमा दर्ज, सहायक वार्डन ने की थी शिकायत

Sun, 20 Mar 2022 02:16 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, हल्द्वानी

सार

हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के सहायक वार्डन ने रैगिंग मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की शिकायत पुलिस से की थी। कोतवाली पुलिस अब वीडियो वायरल करने वालों की खोज करेगी। वहीं अब सवाल उठ रहा है कि जब रैगिंग हुई ही नहीं तो वीडियो कैसे बन गया।
विज्ञापन
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ हुई कथित रैगिंग मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले की विवेचना एसएसआई तारा सिंह राणा को सौंपी गई है। मुकदमा कॉलेज प्रशासन की ओर से कराया गया है।

विज्ञापन


राजकीय मेडिकल कॉलेज के पुरुष छात्रावास नंबर एक के सहायक वार्डन डॉ. हरप्रीत सिंह ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि अज्ञात लोगों ने कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल किया था। वीडियो में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र एक पंक्ति में सिर झुकाकर चल रहे थे। छात्रों के बाल कटे थे और सभी हाथ पीछे करके चल रहे थे। कॉलेज प्रशासन को यह वीडियो प्राप्त हुआ था। इस मामले में किसी छात्र या अभिभावक ने लिखित या मौखिक शिकायत नहीं की थी।
 

ये भी पढ़ें...धामी को फिर कमान?: अमित शाह के घर भाजपा नेताओं की बैठक जारी, नड्डा समेत उत्तराखंड भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद

विज्ञापन


कॉलेज प्रशासन ने कॉलेज की अनुशासन समिति और एंटी रैगिंग समिति से जांच कराई थी। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान किसी भी छात्र ने रैगिंग की शिकायत नहीं की। वार्डन डॉ. सिंह का कहना है कि इसके पहले उन्होंने खुद और प्राचार्य ने समय समय पर छात्रावास का निरीक्षण किया लेकिन रैगिंग से छात्रों ने मना कर दिया। इसी क्रम में हाईकोर्ट के आदेश पर मंडलायुक्त दीपक रावत और डीआईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने भी कॉलेज में रैगिंग मामले की जांच की। 
विज्ञापन


वीडियो वायरल करने वालों की तलाश
कोतवाली पुलिस अब वीडियो वायरल करने वालों की खोज करेगी। इसी आधार पर पुलिस टीम जांच कर कार्रवाई करेगी। वहीं अब सवाल उठ रहा है कि जब रैगिंग हुई ही नहीं तो वीडियो कैसे बन गया।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें