उत्तराखंड से इस बार करीब 1400 मोमीनों की हज करने की मुराद पूरी हो सकती है। पिछले दिनों मुंबई में हुई ऑल इंडिया हज कमेटी की बैठक में हज कोटा बढ़ाने की प्रदेश हज कमेटी की मांग मंजूर कर ली गई है।
एक हजार की जनसंख्या पर एक हाजी का कोटा निर्धारित किया गया है। साल 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में मुस्लिम समुदाय की जनसंख्या 14 लाख सात हजार के करीब है। इस हिसाब से 1407 अकीदतमंदों को हज जाने की अनुमति मिल सकती है।
इससे पहले राज्य से केवल 835 हाजियों को भेजने का कोटा था। पिछले एक दशक में आबादी बढ़ने के साथ ही हज यात्रा पर जाने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। वर्ष 2014 में हज जाने वाले आवेदकों की संख्या करीब 3500 के लगभग थी, जो वर्ष 2015 में बढ़कर 4634 हो गई।
इस बात को देखते हुए उत्तराखंड हज कमेटी ने 19 नवंबर को मुंबई में हुई आल इंडिया हज कमेटी की बैठक में प्रदेश का कोटा बढ़ाए जाने की मांग रखी।
कमेटी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार कमेटी ने एक हजार की जनसंख्या के अनुपात में एक व्यक्ति का कोटा तय करने का फैसला लिया। इस संबंध में सभी प्रदेशों की हज कमेटियों को जनसंख्या के आंकड़े प्रस्तुत करने के लिए सर्कुलर जारी किया गया है।
ऑल इंडिया हज कमेटी की बैठक में एक हजार की जनसंख्या पर एक हाजी के हिसाब से कोटा तय करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए जनपदवार प्रदेश की मुस्लिम जनसंख्या के आंकड़े लिए जा रहे हैं। जल्द ही रिपोर्ट बनाकर आल इंडिया हज कमेटी को भेज दी जाएगी।
- हाजी राव शेर मोहम्मद, चेयरमैन, उत्तराखंड हज कमेटी
रिजर्व बी सीटों के लिए मांगा अतिरिक्त कोटा
हज जाने के लिए 70 साल से अधिक उम्र के लिए सरकार ने सीट रिजर्व ए की श्रेणी में बनाई है। इसके अलावा चार साल लगातार आवेदन करने के बाद भी नंबर नहीं आने वालों के लिए श्रेणी बी बनाई गई है।
इस साल ऐसे 405 मोमीन हैं, जिनका चार साल लगातार आवेदन करने के बाद भी नंबर नहीं आया। हज कमेटी के चेयरमैन हाजी राव शेर मोहम्मद ने आल इंडिया हज कमेटी से इन रिजर्व सीटों के लिए भी अलग से कोटे की मांग की है।