उम्र 50 के पार, मगर जोश में युवाओं को भी पीछे छोड़ देने वाला जज्बा। बीते साल उत्तराखंड में आए जलप्रलय के मंजर ने इन बुजुर्गों के मन में चार धाम के दर्शन की ऐसी उत्कंठा पैदा की कि वह पैदल ही आस्था की डगर पर चल पड़े हैं।
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वडोदरा, गुजरात के छह बुजुर्ग श्रद्धालुओं का एक दल केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की पैदल यात्रा पर निकल पड़ा है। यह दल बृहस्पतिवार को तीर्थनगरी पहुंचा। यहां स्वर्गाश्रम क्षेत्र में अमर उजाला ने इन तीर्थयात्रियों से बात की।
बुजुर्ग ‘युवाओं’ के मुताबिक दल की पैदल यात्रा का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। दल के बंकिम पटेल ने बताया कि अप्रत्याशित ईंधन की खपत से ग्लोबल वार्मिंग के चलते पर्यावरण का चक्र बदल रहा है।
जिससे प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं। वह पैदल यात्रा कर लोगों को संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं कि अपनी आदतें बदलें। पर्यावरण को बचाएं।
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बकौल पटेल, प्रकृति के चक्र में आपदाएं भी शामिल हैं। पहाड़ों में बारिश, भूस्खलन, बाढ़ आदि विपदाएं सदियों से आ रही हैं।
उस वक्त आवागमन के साधन और सुख सुविधाएं नहीं थीं, मगर वर्तमान में धामों तक सड़कें और पैदल मार्ग तैयार हैं, रहने के लिए आवास, भोजन और स्वास्थ्य आदि की तमाम सुविधाएं मौजूद हैं।
वह लोगों तक यह संदेश भी पहुंचाना चाहते हैं कि आपदा का भय दिल से निकाल चार धाम दर्शन को पहुंचें। बता दें कि यह दल शनिवार को बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होगा।