अगर आपने अभी तक वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) के लिए पंजीकरण नहीं कराया है तो तुरंत करवा लें। राज्यों में हुए नामांकन के आधार पर एक जून से 15 जून तक ऑनलाइन जीएसटी रजिस्ट्रेशन होगा।
इस अवधि में रजिस्ट्रेशन न कराने वाले जीएसटी और अन्य करों से जुड़े कई लाभों से वंचित हो जाएंगे। उत्तराखंड में अभी तक करीब 75 हजार करदाता करा चुके हैं जीएसटी के लिए एनरोलमेंट करा चुके हैं।
रजिस्ट्रेशन न कराने वालों को बकाया टैक्स क्रेडिट, इनपुट क्रेडिट का लाभ नहीं मिल पाएगा। साथ ही वैट का रिफंड भी नहीं मिलेगा। वाणिज्य कर विभाग के मुताबिक रिटर्न फाइल करने से पहले जीएसटी का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी है। सभी करदाताओं को सलाह दी गई है कि वह अपने अकाउंटिंग और सिस्टम को जीएसटी के मुताबिक अपग्रेड कर लें।
इसके लिए सरकार ऐप और सॉफ्टवेयर लाने वाली है। जीएसटी में रजिस्ट्रेशन न होने पर कंपोजिट स्कीम का लाभ भी नहीं मिल पाएगा। इस योजना के तहत 20 से 50 लाख रुपये तक सालाना टर्नओवर वाले कारोबारी जीएसटी में आने वाली कंपोजिट स्कीम का लाभ उठा सकते हैं।