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उत्तराखंड: कर्नाटक की तर्ज पर शुक्रवार से लागू हुआ ई-वे बिल, व्यापारियों को होगा बड़ा फायदा

Fri, 15 Dec 2017 12:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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e way bill
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वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली में उत्तराखंड राज्य में भी आज से ई वे बिल लागू हो गया है। पहले इस सिस्टम को ट्रायल के आधार पर शुरू किया जाएगा। राज्य कर विभाग ने ई-वे बिल साफ्टवेयर को अपडेट कर तैयारियां पूरी कर ली है।
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बृहस्पतिवार को वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने विभागीय अफसरों से ई-वे बिल को लेकर जानकारी ली। हालांकि उद्योग व व्यावसायिक संगठन ई-वे बिल लागू करने पर विरोध कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने 15 दिसंबर से राज्य में ई-वे बिल को लागू करने के लिए राज्य कर विभाग को निर्देश दिए थे। इसके लिए विभाग ने व्यापारियों के साथ बैठक कर ई-वे बिल सिस्टम के बारे में जानकारी दी। जिसमें व्यापारियों ने इसका विरोध किया था।

साथ ही व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री के समक्ष भी ई-वे बिल को लेकर आने वाली परेशानियों को रखा था। लेकिन सरकार ने शुक्रवार से ही ई-वे बिल को राज्य में लांच करने की तैयारी पूरी कर ली है। हालांकि शुरूआत में इसे ट्रायल के आधार पर लागू किया जाएगा। जिससे व्यापारी अपना फीडबैक दें सके।
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ये मिलेगी सुविधा

इसी साल एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) ने ई-वे बिल सिस्टम का साफ्टवेयर तैयार किया। कर्नाटक राज्य ने सबसे पहले इस सिस्टम को बेहतर ढंग से लागू किया।

कर्नाटक के तर्ज पर उत्तराखंड भी 15 दिसंबर इसे लागू करने का जा रहा है। ई-वे बिल लागू होने से व्यापारी को एक स्थान से दूसरे स्थान के लिए माल भेजने के लिए ऑनलाइन ई-वे बिल जनरेट करना होगा।

इसके व्यापारी एसएमएस के माध्यम से भी बिल जनरेट कर सकेंगे। लेकिन इसमें माल का कोड, वाहन का नंबर और माल प्राप्त करने वाले व्यापारी का जीएसटीएन नंबर अंकित करना अनिवार्य होगा।

ई-वे बिल जनरेट होने के बाद यदि व्यापारी इसे निरस्त करना चाहता है तो इसके लिए 24 घंटे का ही समय होगा। माल ले जाने वाला वाहन रास्ते में खराब हो जाता है तो जिस वाहन से माल भेजा जाएगा। उसका नंबर भी अपलोड करना होगा।
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