भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती के अवसर पर नगर निगम में ‘ग्रामोदय से भारत उदय अभियान’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल ने कहा कि हम उत्तराखंड में समरसतापूर्ण समाज की स्थापना करेंगे। इस मौके पर उन्होंने गरीबी और पिछड़ेपन के खिलाफ जंग छेड़ने का आह्वान किया।
बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में पहुंचे राज्यपाल केके पाल ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर महान कानूनविद होने के साथ ही महान अर्थशास्त्री भी थे। उन्होंने गरीबों के उत्थान के लिए सिर्फ किताबी ज्ञान ही हासिल नहीं किया बल्कि जमीनी स्तर पर काम किया। वह औद्योगिकरण के प्रबल पक्षधर थे क्योंकि, औद्योगीकरण के जरिये ही रोजगार के मौके पैदा हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर सरकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण भारत का चेहरा बदलना चाहते थे। डॉ. अंबेडकर के आर्थिक व सामाजिक विचारों की प्रासंगिकता को बयां करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने बड़ी आबादी को उत्पादक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाने के लिए नायाब रास्ते बताए। पूंजी निर्माण पर उनका शोध उच्च दर्जे का है।
मेयर ने भी रखे विचार
मेयर विनोद चमोली ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार तभी सार्थक होंगे जब हम शक्ति का विकेंद्रीकरण करें। इसलिए पंचायतों व नगर निकायों को ताकतवर बनाना आवश्यक है। नौकरशाही को अपना रवैया बदलना होगा। जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सामाजिक आर्थिक क्रांति लाए बिना गांवों की तस्वीर नहीं बदलेगी।
विधायक राजकुमार ने कहा कि समतामूलक समाज की स्थापना के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। मुख्य सचिव ने डॉ. अंबेडकर के दर्शन को मूर्त रूप देने का आह्वान किया। इससे पहले राज्यपाल ने घंटाघर स्थित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया। कार्यक्रम में अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।