विकासखंड बहादराबाद बीडीसी की बैठक में शामिल होना महिला ग्राम प्रधानों के पतियों को भारी पड़ गया। बैठक में बिना अनुमति के करीब 16 प्रधान पति मौजूद थे।
हरिद्वार जिलाधिकारी दीपक रावत जब प्रतिनिधियों से क्षेत्र की जानकारी मांग रहे थे, तो एक प्रधान पति पक्ष रखने लगा। डीएम के परिचय मांगने पर उसने खुद को महिला प्रधान का प्रतिनिधि बताया। इस पर डीएम भड़क गए। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को बैठक में पहुंचे प्रधान पतियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के कड़े तेवर देखकर सभी प्रधान पति बैठक से खिसक गए। अब बैठक की वीडियो रिकार्डिंग से उनकी पहचान कर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का मुकदमा दर्ज किया होगा।
ब्लॉक के सभागार में ब्लॉक प्रमुख सुरेशो देवी की अध्यक्षता और ग्राम विकास अधिकारी विनोद मिश्रा के संचालन में बैठक हुई।
ग्राम प्रधान तो महिला हैं लेकिन उनके प्रतिनिधि के रूप में वे समस्या बता रहे हैं।
डीएम दीपक रावत
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जिलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि गांव के तालाबों के संरक्षण के लिए उनके सौंदर्यीकरण और उनकी सफाई के लिए ग्राम प्रधान प्रभावी कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि जहां भी तालाबों पर अतिक्रमण हो रहे हैं उसकी शिकायत करें।
इसके बाद बैठक में बोड़ाहेडी के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहम्मद यूसुफ ने जैसे ही बोलना शुरू किया तो डीएम ने उनका परिचय पूछा। मोहम्मद यूसुफ बताया गया कि ग्राम प्रधान तो महिला हैं लेकिन उनके प्रतिनिधि के रूप में वे समस्या बता रहे हैं। प्रधान पति सुनते ही डीएम उखड़ गए। जिलाधिकारी ने विकास खंड अधिकारी सतेंद्र सिंह धमांदा ने उसके खिलाफ बहादराबाद थाने में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए है।
डीएम के तेवर देख खिसके प्रधान पतियों की पहचान करने के लिए वीडियो रिकार्डिंग का सहारा लिया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी स्वाति भदौरिया, जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चंद्र त्रिपाठी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राव आफाक अली, जिला विकास अधिकारी पुष्पेंद्र चौहान, उप प्रमुख ललिता चौहान, मंजू देवी, सुनीता राणा, सोनिया, मोहम्मद हारुन, प्रीतम सिंह, सूरत सिंह आदि मौजूद थे।