वहीं, बुधवार को पिथौरागढ़ पहुंचे कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला ने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव के लिए वायु सेना के एमआई-17 हेलीकाप्टरों की मदद ली लाएगी। वायु सेना की ओर से इसकी अनुमति मिल गई है। इन हेलीकॉप्टरों से अधिकारी भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाकर मॉनीटरिंग कर सकेंगे।
बता दें कि वर्तमान में पिथौरागढ़ में वायु सेना के चार एमआई-17 हेलीकाप्टर मौजूद हैं। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने आपदा प्रभावितों को राहत सामग्री बांटने के लिए 200 हेली ड्रापर पेटियां तैयार कर ली हैं। कपकोट (बागेश्वर) में पिछले दिनों हुई भारी बारिश से शरण-बघर सड़क पर कई जगह भारी मात्रा में मलबा भर गया है। गधेरों के तेज बहाव से एक-दो जगह सड़क बह गई है।इधर, अल्मोड़ा में बुधवार सुबह झमाझम बारिश के बाद मौसम बदल गया और दोपहर बाद धूप निकल आई।
...और यहां एक बूंद नहीं बरसी
उत्तराखंड में मानसून आए एक हफ्ते से ज्यादा समय हो चुका है। एक तरफ समूचे उत्तराखंड में बारिश ने तबाही मचा रखी है वहीं गरुड़ के 106 गांवों के लोग बारिश के लिए आसमान पर टकटकी लगाए हैं। हर जुबां से यही सुनने को मिल रहा है कि आखिर गरुड़ और कौसानी में बारिश कब होगी। बारिश नहीं होने से जल स्रोतों में पानी कम हो गया है। नहरें सूख गई हैं। फसल सूखने की कगार पर है। बारिश के लिए कई गांवों के लोग कोट भ्रामरी मंदिर, बलिबुबु और नरसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना कर चुके हैं।
देहरादून में देर रात हुई तेज बारिश में एक मकान पर पहाड़ का मलबा आ गिरा। इससे मकान की दीवार ढह गई, जिसमें एक महिला व तीन साल की बच्ची दब गईं। मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने दोनों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। यहां दोनों का इलाज चल रहा है। मकान पर मलबा पास की पहाड़ी पर भूस्खलन से आया था।
मामला रायपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार उत्तराखंड विहार निवासी सोनू मजदूरी करता है। वह यहां परिवार के साथ रहता है। सुबह सोनू तो काम पर चला गया, लेकिन घर पर उसकी पत्नी सीमा और उसके भाई की तीन वर्षीय बेटी निधि मौजूद थी। मंगलवार देर रात हुई बारिश के कारण सुबह करीब आठ बजे पहाड़ी का मलबा मकान पर आ गया। मलबे के दबाव से मकान की पिछली दीवार ढह गई, जिसमें सीमा और निधि दब गईं।
पड़ोसियों के शोर मचाने पर लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और लोगों की मदद से दोनों को बाहर निकाला।दोनों घायलों को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसएसआई रायपुर मनोज कुमार ने बताया कि इस इलाके के पास में पहाड़ी है, जिसमें बारिश के कारण भूस्खलन हुआ था। बारिश में यही मलबा मकान की पिछली दीवार से टकराया तो दीवार ढह गई।