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उत्तराखंड में GST को राज्यपाल की मंजूरी, इन चीजों पर नहीं लगेगा टैक्स

Fri, 30 Jun 2017 10:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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gst in uttarakhand
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उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल ने उत्तराखंड विधानसभा में पारित जीएसटी विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी है। जीएसटी की धारा 2(24) के इंग्लिश वर्जन के हिंदी अनुवाद में कुछ त्रुटियां होने के कारण यह अधिनियम राज्यपाल की अनुमति के लिए लंबित था।
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राज्य में जीएसटी लागू होने के पश्चात पांच पैट्रोलियम पदार्थों, जिनमें एटीएफ, नेचुरल गैस, पेट्रोल, हाई स्पीड डीजल और क्रूड ऑयल वैट के दायरे में रहेंगे। अन्य वस्तुओं पर जीएसटी लागू होगा। उधर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जीएसटी को कर सुधारों की दशा में एतिहासिक फैसला बताते हुए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया है।

गौरतलब है कि बीती दो मई को उत्तराखंड विधानसभा में जीएसटी विधेयक को पारित करने के लिए विशेष सत्र आहूत किया गया था। यह विधेयक राज्यपाल के यहां कुछ त्रुटियों के चलते लंबित था, जिसे इसके लागू होने के ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार को राज्यपाल के स्तर से मंजूरी प्रदान कर दी गई।
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इसके अलावा उत्तराखंड राज्य विधान मंडल अनर्हता निवारण (संशोधन) विधेयक-2017 तथा उत्तराखंड भूगर्भ जल विकास एवं प्रबंधन विनियमन एवं नियंत्रण (संशोधन) विधेयक-2017 बिल को भी राज्यपाल ने अपनी अनुज्ञा प्रदान कर दी है।
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संवेदनशील वस्तुओं के मामले डीम्ड एसेस्मेंट योजना से बाहर

उधर वैट की धारा 25(क) में वर्ष 2013-14, 2014-15 और 2015-16 के लंबित वादों के लिए डीम्ड एसेस्मेंट यानी स्वकर निर्धारण की योजना कतिपय शर्तों के साथ लाई गई है।

कर चोरी के हिसाब से संवेदनशील वस्तुओं के मामले डीम्ड एसेस्मेंट योजना से बाहर रखे गए हैं। उधर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ने शुक्रवार मध्यरात्रि से जीएसटी कानून लागू होने को देश के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को इस ऐतिहासिक अवसर के लिए बधाई दी है। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि गंतव्य आधारित टैक्स होने के कारण जीएसटी समान एवं सतत विकास के नए युग की शुरुआत है तथा इससे संसाधनों के समान वितरण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

बहुकर प्रणाली के स्थान पर एक राष्ट्र-एक कर और एक बाजार का दौर शुरू होगा। इससे भारत की विकास दर में वृद्धि होगी, जिसका फायदा राज्यों को मिलेगा। उत्तराखंड एक उपभोक्ता बाहुल्य राज्य भी है, जिसे जीएसटी लागू होने से लाभ मिलेगा।

कर सुधारों को लेकर संविधान संशोधन की प्रक्रिया में यह प्रथम अवसर है, जिसे सभी दलों के साथ ही व्यापक जन समर्थन भी मिला है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, उद्योग और व्यापार जगत के लोगों का आह्वान किया है कि इस ऐतिहासिक अवसर का स्वागत करें एवं एक समृद्ध तथा प्रगतिशील राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें।
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