‘कभी खूबसूरती के लिए दुनियाभर में पहचान रखने वाला देहरादून तबाह हो रहा है। इसकी पहचान खत्म होती जा रही है और इस सबके लिए नेता और नौकरशाह जिम्मेदार हैं। इन सबको इतिहास के कठघरे में खड़ा होना होगा।’
दून सिटीजंस काउंसिल के कार्यक्रम में राज्यपाल अजीज कुरैशी ने दून की बदहाली पर कुछ इस तरह तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने शहर को बचाए रखने के लिए सरकार पर दबाव बनाने की जरूरत जताई। इसके लिए विभिन्न सक्रिय संगठनों के एकजुट होकर ताकत बढ़ाने पर जोर दिया।
रविवार शाम काउंसिल की ओर से राजपुर रोड स्थित एक होटल में राष्ट्रीय गौरव, उत्तराखंड गौरव और दून गौरव सम्मान समारोह में बोल रहे थे। बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल अजीज कुरैशी ने समिति के कार्यों की सराहना की। इसके बाद उन्होंने दून के हालात पर चिंता जताई।
कहा लीची-आम के बाग, चाय बागान, बासमती चावल और स्वच्छ वातावरण कभी दून की पहचान होते थे। इनकी जगह अब यह शहर कंक्रीट के जंगल में बदलता जा रहा है। पेड़ों का अंधाधुंध कटान कर बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी की जा रही हैं। इसने शहर की तस्वीर बदल दी है।
यही स्थिति मसूरी और नैनीताल की है। इसके लिए राज्य में सभी पार्टियों के नेता जिम्मेदार हैं। राज्यपाल ने काउंसिल से जुड़े लोगों से कहा कि वह इन शहरों को बचाने के लिए ताकत बढ़ाने में साथ हैं। बाद में राज्यपाल ने दून सिटीजंस काउंसिल की स्मारिका का विमोचन किया।
इन्हें मिला राष्ट्रीय गौरव सम्मान
जून 2013 में केदारनाथ आपदा के दौरान राहत कार्यों का नेतृत्व कर हजारों लोगों की जान बचाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चैत (सेवानिवृत्त) को राष्ट्रीय गौरव से सम्मानित किया गया। उनका सम्मान उनके परिजन ने लिया।
ये रहे उत्तराखंड गौरव
प्रसिद्ध कलाकार पद्मश्री टॉम आल्टर, गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) संजय गुंज्याल और गढ़वाल पोस्ट के संपादक सतीश शर्मा। गुंज्याल का सम्मान पुलिस अधीक्षक (शहर) अजय सिंह ने लिया।
और इन्हें दून गौरव
शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका के लिए वेल्हम ब्वायज स्कूल की प्राचार्य गुनमीत बिंद्रा और युवा पत्रकार अनुपमा खन्ना।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में सिटीजंस काउंसिल के संस्थापक वर्तमान अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार राज कंवर, महासचिव डा. एस. फारुख, डीएस मान, एसपी कोचर, एसएस गोयल, राज्यपाल के सांस्कृतिक सलाहकार एबी लाल, डेविड हिल्टन आदि मौजूद रहे।