मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आंदोलन के दौरान उपनलकर्मियों पर दर्ज सभी मुकदमों को वापस लेने की घोषणा की है। सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि कर्मचारियों का आचरण काम करने वाला होना चाहिए।
सात साल से कार्यरत उपनलकर्मियों को संविदा का लाभ देने पर उपनल कर्मचारी महासंघ ने शुक्रवार को यमुना कॉलोनी स्थित ऑफिसर्स क्लब में मुख्यमंत्री हरीश रावत का अभिनंदन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि अगर ये मॉडल सफल रहता है, तो देशभर के करोड़ों नौजवानों के लिए बेहतर रास्ता निकल आएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे राज्य भी इस बारे में हमसे पूछ रहे हैं। आउटसोर्स कर्मियों में बड़ी संख्या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की है, जिसे मृत संवर्ग माना जा चुका है। इनके लिए भी रास्ता निकालना है।
इस अवसर पर उपनल कर्मचारी महासंघ के संरक्षक रवि पचौरी, अध्यक्ष भावेश जगूड़ी, महेश भट्ट, कुशाग्र जोशी, युवा कल्याण के उपाध्यक्ष सुशील राठी, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजीव जैन आदि मौजूद थे।