गीता भवन में उत्तराखंड डेफ वेलफेयर एसोसिएशन, दून डिफरेंटली एबल्ड ट्रस्ट और मुनिशाभा सेवा सदन पुनर्वास संस्थान की ओर से संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें दिव्यांगों की समस्याओं पर मंथन किया गया। इस दौरान 19 जुलाई को होने वाली राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड की बैठक में उठाई जाने वाली मांगों के संबंध में बोर्ड के सदस्य अनंत मेहरा को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें सरकार से दिव्यांगों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई।
संगोष्ठी में उत्तराखंड दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्य अमित डोभाल, निरुपमा रावत, आकांक्षा शर्मा, सचिन रौथान, गौरव शर्मा, सोनिया नेगी, कमल सिंह, राहुल, पवन कुमार, अभिषेक मिश्रा, अनुज सिंह बिष्ट, रुचिका चौहान, हिमांशु चौहान, राधिका चौहान, रुचि ग्रोवर आदि उपस्थित रहे।
ये हैं दिव्यांगों की प्रमुख मांगेें
- राज्य में 3000 से अधिक बेरोजगार श्रवण बाधितों के लिए रोजगार की व्यवस्था।
- विकलांग पेंशन 1000 से बढ़ाकर 3500 करने की मांग।
- स्वरोजगार के लिए सरकारी विभागों में कैंटीन का ठेका श्रवण बाधित दिव्यांगों को दिया जाए।
- नगर पालिकाओं में स्वरोजगार करने के लिए निशुल्क स्थान दिया जाए।
- सचिवालय, विधानसभा एवं सभी न्यायालयों के साथ-साथ सभी विभागों में सांकेतिक भाषा अनुवादक की व्यवस्था की जाए।
- सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।
- उत्तराखंड डेफ वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश ग्रोवर को राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड में नामित किया जाना।
- दिव्यांगों की समस्याओं को सुनने के लिए राज्य में दिव्यांगजन आयुक्त की नियुक्ति स्वतंत्र प्रभार पर की जाए।
- ऐसे व्यक्ति को दिव्यांगजन आयुक्त बनाया जाए जो दिव्यांगों के हित में सक्रिय हो।
- राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्य अनंत मेहरा को दिव्यांगजन आयुक्त बनाए जाने की मांग की गई।