प्रदेश सरकार निवेशकों से अनुभव लेकर निवेश की राह के कांटे दूर करेगी। इतना ही नहीं सरकार राज्य में एमओयू कर उद्योग स्थापित करने के लिए कदम बढ़ा चुके निवेशकों की पीठ भी थपथपाएगी। इसके लिए इसी महीने निवेश एमओयू ग्रांउडिंग समारोह की तैयारी चल रही है। जिसमें निवेशकों से निवेश पर मंथन कर फीडबैक भी लिया जाएगा।
त्रिवेंद्र सरकार के समय पहली बार 2019 में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए इंवेस्टर्स समिट (निवेशक सम्मेलन) आयोजित किया गया था। इसमें देश-दुनिया से आए निवेशकों ने राज्य में निवेश की इच्छा जाहिर करते हुए सरकार से एमओयू किया था। इस सम्मेलन में 1.24 लाख करोड़ के निवेश एमओयू किए गए थे।
धामी सरकार ने निवेशकों की समस्याओं का समाधान और नए उद्योग स्थापित करने के लिए औद्योगिक नीतियों और सिंगल विंडो सिस्टम में कई सुधार किए। जिससे वर्ष 2021-22 में सरकार को सिंगल विंडो के माध्यम से 8828 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 5097 करोड़ के प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों को सरकार ने मंजूरी भी दे दी है।
इंवेस्टर्स समिट के बाद सरकार प्रदेश में निवेशकों के लिए एमओयू ग्राउंडिंग समारोह करने की जा रही है। जिसमें उन निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा, जो प्रदेश में एमओयू के अनुरूप उद्योग लगाने के लिए काम शुरू चुके हैं। समारोह में निवेशकों से निवेश को लेकर अनुभव भी लिए जाएंगे। जिससे सरकार और सुधार कर निवेश की राह में कांटे दूर करेगी। साथ ही निवेशकों को सम्मानित किया जाएगा।