केंद्रीय आईटी व उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि पिछली सदी परमाणु तकनीकी की थी लेकिन ये सदी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की है। मोबाइल से भी हजार गुना तेजी से इसका प्रसार हो रहा है। इसके जमीन पर असर को देखने के लिए मोदी सरकार अगले साल फरवरी में एआई इंपैक्ट समिट कराने जा रही है।
शुक्रवार को राजधानी स्थित एक होटल में उत्तराखंड आईटी समिट में पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री प्रसाद ने कहा कि एआई के इस दौर में भारत यह सुनिश्चित कर रहा है कि सबको समान अवसर मिलें। हम एक डॉलर प्रति घंटे से भी कम लागत में विश्वस्तरीय कंप्यूटिंग शक्ति उपलब्ध करा रहे हैं। जिससे अनुसंधान, नवाचार और सकारात्मक परिवर्तन को गति मिलेगी।
मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि पीएम मोदी चाहते हैं कि एआई जितना निचले स्तर तक जाएगा, उतना ही इसका लाभ होगा। सरकार एआई फॉर ऑल कार्यक्रम चलाने जा रही है। अगले कुंभ में एआई का असर नजर आएगा। उन्होंने कहा, एआई आधारित तकनीक से लोगों का जीवन आसान हो। उत्तराखंड को आईटी मंत्रालय पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने कहा, शोध बहुत होता है लेकिन इंडस्ट्री के साथ लिंक नहीं करेंगे तो कोई लाभ नहीं होगा। छात्रों के लिए एआई रेवोल्यूशन बहुत अवसर लाएगा। युवा खुद को इस काबिल बनाएं।
उत्तराखंड एआई मिशन की घोषणा, बनेगी नीति : झा
इस मौके पर उत्तराखंड के सचिव आईटी नितेश कुमार झा ने उत्तराखंड एआई मिशन 2025-30 की घोषणा की। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही एआई नीति लागू की जाएगी, जिसका ड्राफ्ट जनता के सुझावों के लिए जारी होगा। कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हिल्स टू हाईटेक दृष्टि के अनुरूप उत्तराखंड को भारत का अग्रणी एआई नवाचार केंद्र बनाना है। उत्तराखंड एआई चैप्टर की स्थापना राज्य के प्रमुख विवि, तकनीकी संस्थानों, इंजीनियरिंग कॉलेजों में की जाएगी। इन चैप्टर के माध्यम से छात्रों, शोधार्थियों और नवोन्मेषकों को एआई अनुसंधान, परियोजना विकास और उद्यमिता से जोड़ने का काम किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि हर साल एक राज्य स्तरीय तकनीकी आयोजन उद्भव होगा, जो हैकाथन है। यह तीन स्तर 1, 2 व 3 में होगा, जिसमें शिक्षण संस्थानों के छात्रों और स्टार्टअप को शामिल किया जाएगा। इस साल दो से 20 नवंबर के बीच उद्भव का आयोजन होगा, जिसमें 17 उभरती प्रौद्योगिकियों पर आधारित थीमेटिक सेक्टरों में प्रतियोगिताएं होंगी। इसके लिए विभाग की ओर से शिक्षण संस्थानों को वित्तीय सहयोग दिया जाएगा।
19-20 फरवरी को दिल्ली में होगा एआई इंपैक्ट समिट
इंडिया एआई मिशन के निदेशक मोहम्मद वाई सफीरुल्ला ने इंडिया एआई कम्प्यूट पोर्टल पर सूचीबद्धता, एआई कोष पर 2823 एआई रेडी डेटा बेस, 243 मॉडल, 13 टूलकिट, 24 यूज केस के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भविष्य के मानव संसाधन तैयार करने के लिए यहां 120 घंटे का कोर्स, 30 घंटे का विशेष कोर्स भी उपलब्ध है। मिशन की ओर से 150 यूजी, 48 पीजी और 31 पीएचडी को फैलोशिप दी जाती है। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इम्पैक्ट समिट 19 से 20 फरवरी 2026 तक दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इसमें रिसर्च सिम्पोजियम, एआई फॉर ऑल : ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज, एआई एक्सपो, एआई पिच फेस्ट, एआई बाई हर वीमेन एआई इनोवेशन चैलेंज, यूथ एआई इनोवेशन चैलेंज भी होगा। यह समिट पिछले साल पेरिस, 2024 में सियोल और 2023 में ब्लेचले पार्क यूके में हुआ था।