चकराता ब्लॉक के त्यूनी में पुलिस स्टेशन खोलने की योजना फिर लटक गई है। करीब 18 साल बाद सात मई को थाने की स्वीकृत राज्यपाल से मिलने के बाद यहां के लोगों को उम्मीद जगी थी कि सालों पुरानी मांग अब पूरी हो जाएगी। पर बृहस्पतिवार को उत्तराखंड सरकार के दोबारा अस्तित्व में आते ही थाने की स्वीकृति के आदेश को राज्यपाल ने खुद ही निरस्त कर दिया। मंगलवार को थाना खोलने की तैयारी पूरी कर चुके अफसर भी इस नए आदेश से हैरान हैं।
1998 में जारी हुई थी अधिसूचना
उत्तर प्रदेश विभाजन से पहले ही 1998 में त्यूनी में थाने खोलने की अधिसूचना जारी हो गई थी, लेकिन राज्य गठन के बाद उस पर अमल नहीं हो सका था। उसकी वजह यह थी कि एक प्रभावशाली राजनीतिज्ञ यहां थाना खोलने का प्रबल विरोधी है। रावत सरकार गिरने के बाद राष्ट्रपति शासन लगा तो त्यूनी में थाने खोलने का निर्णय लिया गया।
राज्यपाल के आदेश के बाद इस पर काम भी शुरू हो गया था। इसी बीच हरीश रावत सरकार दोबारा अस्तित्व में आई तो राज्यपाल ने बृहस्पतिवार को नया आदेश जारी कर सात मई को थाना खोलने के आदेश को निरस्त कर दिया है।