यूजर चार्ज कम करने का अधिकार कैबिनेट को
यूजर चार्ज की बढ़ोतरी दर को पांच फीसदी से कम करने का अधिकार केवल प्रदेश मंत्रिमंडल को होगा। वह औचित्यपूर्ण प्रस्ताव पर संशोधित दरों को कम कर सकता है।
व्यावहारिक हुआ तो विभाग यूजर चार्ज बढ़ा भी सकते हैं
आदेश के मुताबिक, यदि किसी सेवा का यूजर चार्जेस न्यूनतम पांच फीसदी से अधिक बढ़ाना औचित्यपूर्ण व व्यावहारिक हो तो विभाग इसके लिए सक्षम होंगे। संशोधित दरें इस तरह से लागू होंगी कि इकाई के संचालन की लागत और अपग्रेडेशन लागत वहन हो सके।
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कुछ प्रमुख सेवाएं जिन पर वसूला जाता है यूजर चार्ज
अस्पतालों में पर्ची शुल्क, रोगों की जांच का शुल्क, ड्राइविंग लाइसेंस व उसका रिन्यूवल, आरसी, वाहनों का ट्रांसफर, आय प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, खाता-खतौनी की नकल, रजिस्ट्री की नकल, पेयजल बिल, समेत कई अन्य विभागीय सेवाओं के एवज में यूजर चार्ज वसूला जाता है, जो पहली अप्रैल को पांच फीसदी बढ़ जाएगा।
संपत्ति कर के लिए अलग से आदेश होगा
वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक, संपत्ति कर भी प्रत्येक वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल को पांच फीसदी बढ़ जाएगा। इसके लिए वित्त विभाग अलग से आदेश जारी करेगा।