हाईकोर्ट ने उत्तराखंड के हाईस्कूल स्तर (सेकेंड्री लेवल) तक के समस्त सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों के विद्यार्थियों को साल में दो यूनिफॉर्म, एससी, एसटी और बीपीएल छात्रों को छात्रवृत्ति देने, मदरसों को दी जाने वाली सहायता राशि प्रति वर्ष पांच हजार से बढ़ाकर बीस हजार रुपए करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने इन स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए मिड डे मील, कक्षाओं में हीटर व पंखे, वाटर फिल्टर आदि की व्यवस्था भी करने के लिए कहा है। कोर्ट ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम को सख्ती से लागू करने के भी आदेश दिए। वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष सोमवार को मामले की सुनवाई हुई।
आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश
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मामले के अनुसार देहरादून निवासी दीपक राणा की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने शिक्षा सचिव को आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि तीन माह के भीतर सभी स्कूलों में बेंच, डेस्क, ब्लैकबोर्ड चॉक व डस्टर के साथ, कंप्यूटर, लाइब्रेरी तथा साइंस लैब की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं।
कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग साफ सुथरे टायलेट के लिए विद्यालय का प्रबंधन जिम्मेदार होगा। कोर्ट ने स्कूल भवनों को अच्छी अवस्था में रखे जाने के साथ-साथ जाड़ों के मौसम में कक्षाओं में हीटर तथा गर्मियों में पंखे की व्यवस्था भी करने के लिए कहा है।
अपर मुख्य सचिव बोले, आदेश पर होगा अमल
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- फोटो : डेमो फोटो
कोर्ट ने अपने आदेश में शिक्षा सचिव से कहा कि 6 वर्ष से 14 साल के बच्चों को मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा देने के लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
हाईकोर्ट ने क्या निर्देश दिए हैं अभी इसकी जानकारी नहीं मिली है। आर्डर की कॉपी मिलते ही जो भी आदेश होंगे उस पर अमल कराने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
- डॉ. रणवीर सिंह, अपर मुख्य सचिव