लखवाड़ प्रोजेक्ट के शुभारंभ के मौके पर बोलेते सीएम रावत
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने देहरादून के विकासनगर क्षेत्र स्थित जुड्डो में 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना का शुभारंभ किया। इस दौरान सीएम ने कहा बांध प्रभावितों की हितों की रक्षा को सरकार पूरी तरह से संवेदनशील है। निर्माण और विकास कार्य साहस से होता है। प्रदेश में संसाधन कम हैं और चुनौतियां अनंत। आपदा के बाद प्रदेश तेजी से उभरा है। आज उत्तराखंड तेजी से तरक्की करने वाला राज्य बन गया है। सरकार का उद्देश्य गरीबी और पिछड़ेपन को दूर करना है।
सोमवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जुड्डो में 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना का शुभारंभ किया। यमुना नदी पर प्रस्तावित इस बहुद्देशीय परियोजना का फायदा उत्तराखंड समेत पांच राज्यों को मिलना है।
परियोजना से प्राप्त सिंचाई और पेयजल का लाभ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को मिलेगा। इसमें सिंचाई व पेयजल उद्देश्य की लागत अनुदान के रूप में केंद्र सरकार की ओर से मिलनी है।
उत्तर भारत की महत्वपूर्ण परियोजना है लखवाड़
परियोजना का शुभारंभ करते मुख्यमंत्री हरीश रावत
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परियोजना के शुभारंभ के दौरान सीएम रावत ने कहा कि महिला कल्याण सरकार की पहली प्राथमिकता है। खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार बोनस दे रही है। उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षक राज्य है। ऐसे में किसी को राज्य की मंशा पर शक नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार का भी आभार जताया।
उन्होंने उत्तराखंड जल विद्युत निगम के अधिकारियों से प्रोजेक्ट के साथ ही यहां आजीविका, पर्यटन और बाजार को विकसित करने की बात कही। उन्होंने आशा जताई कि जल्द ही वित्तीय प्रपोजल को केंद्र से स्वीकृति मिल जाएगी। परियोजना को पूरे उत्तर भारत के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कैबिनेट मंत्री नवप्रभात ने कहा कि जल विद्युत परियोजनाएं राज्य का भविष्य हैं।
परियोजना उत्तराखंड के ऊर्जा प्रदेश के स्वप्न को साकार करेगी। कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह ने परियोजनाओं के निर्माण में राज्य को शिथिलता दिए जाने की वकालत की। संचालन इंजीनियर अरुण कुमार सिंह और बबीता कोहली ने किया। इस मौके पर ऊर्जा सचिव उमाकांत पवार, उत्तराखंड जल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक एसएम वर्मा, परियोजना के जीएम राजीव अग्रवाल, यमुना वैली के महाप्रबंधक संजय मित्तल आदि मौजूद रहे।