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शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही सरकार

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दो महीने से वेतन व ग्रांट रोकने के विरोध में अशासकीय कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों ने मंगलवार को गांधी पार्क में धरना दिया। शिक्षकों ने सरकार से राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-2020 में अनुदान का प्रावधान करने की मांग की।
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एचएनबी गढ़वाल विवि शिक्षक संघ (ग्रुटा) के बैनर तले डीएवी, एसजीआरआर व अन्य पीजी कॉलेज के शिक्षकों ने धरने में हिस्सा लिया। ग्रुटा के महासचिव डॉ. डीके त्यागी ने कहा कि सरकार लगातार शिक्षक व कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है। कहा कि डीएवी व एसजीआरआर पीजी कॉलेज के शिक्षक व कर्मचारियों को अभी तक दिसंबर 2020 व जनवरी के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। शिक्षक अपने वेतन की गारंटी की मांग कर रहे हैं। कहा कि सरकार अशासकीय कॉलेजों को एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि से हटाकर श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध करना चाह रही है, लेकिन विवि एक्ट में ग्रांट की व्यवस्था का जिक्र नहीं है।
इससे शिक्षक अपने सुरक्षित भविष्य को लेकर आशंकित हैं। एक्ट में विषयों व कई अन्य मुद्दों पर स्पष्टता की कमी है। धरने में डॉ. राजेश पाल, डॉ. एसपी मित्तल, विवेकानंद खंडूरी, डॉ. सोनू द्विवेदी, डॉ. प्रदीप जोशी, प्रदीप कोठियाल, डॉ. सरिता रावत, डॉ. हरिओम , डॉ. पुनीत सक्सेना व अन्य शामिल रहे।
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राजनीतिक संगठनों व बार एसोसिएशन ने दिया समर्थन
शिक्षकों के धरने पर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, पूर्व विधायक राजकुमार, आप नेता रविंद्र जुगरान, डीएवी पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विरेंद्र पोखरियाल, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष संग्राम सिंह पुंडीर (एनएसयूआई), अजीत रावत, सपा नेता डॉ. एसएन सचान व कई अन्य शामिल हुए। उन्होंने शिक्षकों की मांग को जायज ठहराते हुए सरकार से जल्द समाधान की मांग की।
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