अस्पतालों में डाक्टरों की कमी के कारण कई किलोमीटर सफर तय कर इलाज पाने वाले मरीजों की यात्रा का खर्चा सरकार वहन करेगी। विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा न होने पर बडे़ सरकारी अस्पताल में रैफर होने वाले मरीजों को यह लाभ मिल सकेगा।
राज्य सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अगले वित्तीय वर्ष के प्लान में मरीजों को यात्रा खर्चा देने का प्रावधान कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने मिशन निदेशक को विस्तृत प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
डॉक्टरों की है कमी
जननी सुरक्षा योजना की तर्ज पर जिस तरह महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए यात्रा की सुविधा दी जा रही है उसी तरह अब अन्य मरीजों को भी सुविधा मिलेगी। पहाड़ों में डाक्टरों की कमी के चलते मरीज को पहले छोटे अस्पताल जैसे सीएचसी फिर जिला अस्पताल तक आना पड़ता है।
सरकार का मानना है मरीजों को घर के पास इलाज की सुविधा मिलनी चाहिए लेकिन डाक्टरों की कमी के चलते यह संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसी स्थिति में जब मरीज को राज्य के भीतर छोटे अस्पताल से बड़े सरकारी अस्पताल में रेफर किया जाएगा तो उसके आने जाने का खर्च सरकार वहन करेगी।
केंद्र से लेंगे वित्तीय मदद
स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्ष 2014-15 के प्लान में इलाज के लिए निशुल्क यात्रा का प्रावधान रहेगा। केंद्र सरकार अगर इस योजना को स्वीकृति देती है तो इसके लिए सरकार बस के दिए जाने वाले किराये की दर से भुगतान करेगी।