दिनभर की कसरत के बाद मंगलवार को आखिरकार तय हो गया कि प्रदेश सरकार स्मार्ट सिटी के पहले चरण के लिए चाय बागान की ही 350 एकड़ जमीन लेगी।
इससे पहले एमडीडीए ने रायवाला, विकासनगर और डोईवाला में भी जमीन की तलाश की। लेकिन एकमुश्त जमीन न मिलने से तलाश पूरी नहीं हो पाई। कोई और विकल्प न देखते हुए मुख्यमंत्री ने 350 एकड़ जमीन चाय बागान से लेने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी।
कोई विकल्प न होने पर सीएम ने दी हरी झंडी
आवास सचिव और स्मार्ट सिटी परियोजना के नोडल अधिकारी आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि रायवाला, विकासनगर और डोईवाला में स्मार्ट सिटी के लिए जरूरी 250 एकड़ सरकारी जमीन है ही नहीं।
तीनों स्थानों पर किसानों से भी बात की गई लेकिन किसान बाजार भाव से अधिक पर भी जमीन देने को तैयार नहीं है। देर शाम मिनाक्षी सुंदरम ने मुख्यमंत्री को स्थिति से अवगत कराया। बताया गया कि मुख्यमंत्री ने चाय बागान की 350 एकड़ भूमि के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।