टीईटी उत्तीर्ण बीएड प्रशिक्षितों ने सरकारी सेवा में आयु सीमा 35 वर्ष करने का विरोध कर इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। प्रशिक्षितों का कहना है कि नौकरी की उम्र सीमा पूर्व की भांति 40 वर्ष की जाए।
सरकार की लापरवाही
मंगलवार को जिला मुख्यालय पर हुई प्रशिक्षितों की बैठक हुई। बैठक में कहा गया कि सरकार ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा, जिससे हाईकोर्ट ने सरकारी नौकरी में आयु सीमा पांच वर्ष घटा दी।
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अब इसका खामियाजा बीएड और टीईटी प्रशिक्षितों को भुगतना पड़ रहा है। प्रशिक्षित संजय मैठाणी ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रशिक्षितों के साथ छलावा कर रही है।
अन्य प्रदेशों में लागू है व्यवस्था
प्रशिक्षितों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में सरकार ने सरकारी नौकरी की आयु सीमा 40 वर्ष की और ये व्यवस्था वहां पर लागू हो गई। लेकिन उत्तराखंड सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण प्रदेश के युवाओं का भविष्य अंधकार में चला गया है।
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प्रशिक्षितों ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं करने पर आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर जगमोहन नौटियाल, रामचंद्र लाल, कांति मैठाणी, अनिल नौटियाल, सूरज पुरोहित, मनमोहन नेगी आदि मौजूद थे।