आपदा के बाद से बदहाल चल रहे बदरीनाथ हाईवे की दुर्दशा पर आखिरकार उत्तराखंड सरकार की नींद टूट ही गई। बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) की सुस्ती को देखते हुए यह काम अब फौरी तौर पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सौंप दिया गया है। पीडब्ल्यूडी अब लामबगड़ से लेकर बेनाकुली तक की सड़क को पक्की करेगा।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने निर्माण कार्य तुरंत शुरू करने को कहा है। सीएम ने जिलाधिकारी चमोली को सोमवार को ही तलब कर उन्हें रूट की सतत निगरानी करने के भी निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि सरकार की यह सक्रियता सोमवार को अमर उजाला द्वारा बदरीनाथ हाईवे की बदहाली और उस बाबत हो रहे आंदोलन की अनदेखी पर विशेष रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद दिखी है।
सीएम ने की अफसरों के साथ बैठक
बदरीनाथ हाईवे को लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पीडब्ल्यूडी, बीआरओ के आला अफसरों के साथ बैठक की। सूत्रों के मुताबिक बैठक में बीआरओ के अधिकारियों ने हाईवे निर्माण में समय लगने की बात बताई। ऐसे में मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी को सड़क सुधार का काम करने को कहा।
पीडब्ल्यूडी के अफसरों के मुताबिक सड़क की सरफेसिंग होनी है। इसमें करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट के काम भी लोनिवि को सौंपा गया है।
जिलाधिकारी चमोली एसए मुरुगेशन का मानना है कि सरफेसिंग का काम बहुत महत्वपूर्ण है। बदरीनाथ धाम की सड़क ऊबड़-खाबड़ है। जल्द से जल्द ही यह काम होना है। इस रूट की लगातार निगरानी की जाएगी और यह भी देखा जाएगा और कहां-कहां समस्या है।
बोले सीएम
बीआरओ को काम करने में समय लग रहा है, लिहाजा लोक निर्माण विभाग को इस सड़क को सुधारने का निर्देश दिया गया है।
-मुख्यमंत्री हरीश रावत
रंग लाया 36 दिनों से चल रहा आंदोलन
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सुधारीकरण की मांग को लेकर 36 दिनों से धाम में चल रहा आंदोलन आखिरकार रंग लगाया। लोनिवि और बीआरओ के अधिकारियों ने हाईवे के सुधारीकरण का लिखित आश्वासन दिया है।
अधिकारियों के अनुरोध पर तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे आपदा संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष विनोद नवानी और पंडित शंभू प्रसाद पांडे ने अनशन समाप्त कर दिया।
सोमवार दोपहर दो बजे लोनिवि की एनएच (नेशनल हाईवे) इकाई के अधिशासी अभियंता मनोहर दास और बीआरओ के कमान अधिकारी राहुल श्रीवास्तव अनशन स्थल पर पहुंचे। अधिशासी अभियंता मनोहर दास ने आंदोलनकारियों को लिखित आश्वासन दिया कि अगले वर्ष 30 अप्रैल 2015 तक लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र का स्थायी ट्रीटमेंट कर दिया जाएगा।
शाम छह बजे एसडीएम की मध्यस्थता में आंदोलनकारियों और दोनों अधिकारियों के बीच समझौता हो गया। आंदोलनकारियों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। एसडीएम ने अनशनकारी विनोद नवानी और शंभू प्रसाद पांडे को बदरीनाथ धाम का चरणामृत पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।