पूजा का शुभ मुहूर्त
इस बार गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 03.17 बजे से शाम 5.:24 बजे तक है।
पूजा की विधि
- दिवाली के अगले दिन यानी गोवर्धन पूजा के दिन गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उसे फूलों से सजाया जाता है।
- पूजा के दौरान गोवर्धन पर धूप, दीप, नैवेद्य, जल, फल और फूल आदि चढ़ाएं जाते हैं। इसके अलावा गोवर्धन पूजा पर गाय की विशेष रूप से पूजा की जाती है। इस दिन पशुओं की पूजा की जाती है।
- गोवर्धन पूजा पर पुरुष के रूप में गोवर्धन पर्वत बनाए जाते हैं। फिर गोवर्धन पुरुष की नाभि पर एक मिट्टी का दीपक रखा जाता है। इस दीपक को जलाने के साथ दूध, दही, गंगाजल आदि पूजा करते समय अर्पित किए जाते हैं और बाद में प्रसाद के रूप में बांट दिए जाते हैं।
- पूजा के अंत में गोवर्धन की सात परिक्रमाएं लगाई जाती हैं। फिर जौ बोते हुए परिक्रमा पूरी की जाती है।
- गोवर्धन पर्वत भगवान के रूप में माने और पूजे जाते हैं और गोवर्धन पूजा करने से धन और संतान सुख में वृद्धि होती है।
- गोवर्धन पूजा के दिन न सिर्फ गोवर्धन पर्वत की पूजा होती है बल्कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा भी की जाती है।