संत समाज के साथ मेला प्रशासन ने 11 नवंबर को 50 से अधिक घाटों का निरीक्षण भी किया था। मेला अधिकारी दीपक रावत ने 13 नवंबर तक गंगा की सफाई के निर्देश जारी किए थे। इसके लिए अफसरों को घाटों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
दो दिन के लगातार अभियान के बाद गंगा से प्लास्टिक, पुराने कपड़े, विसर्जित सामग्री और कूड़ा एकत्र कर साफ किया गया।