कल्याणकारी योजनाओं को आम जन तक प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी संभालने वाले विभाग का गैरजिम्मेदाराना रवैया फिर सामने आया।
मौका था उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस का। सभी शहरों में सरकार के फोटो वाले बड़े होर्डिंग लगाए जाने थे। फोटो चयन का दौर शुरू हुआ तो बहुत चक्कलस हुई। बाद में बीरबल की जमात वाले लोगों ने एक ऐसा फोटो छांट लिया, जिसमें एक युवा महिला को सम्मानित किया जा रहा था।
उसे होर्डिंग पर लगाने का फैसला हुआ। विभाग के आला अफसरों ने आठ नवंबर को फरमान जारी किया कि आज रात में ही शहर को होर्डिंग से पाट दिया जाए, लेकिन जैसे-जैसे फोटो बड़ी होती गई, ‘पारदर्शिता’ बढ़ती गई।
जैसे ही होर्डिंग लगे तो महिला के चित्र को लेकर आपत्ति उठने लगी। दरबारियों ने विभाग के मुखिया को सारा वाक्या बताया तो अर्द्धरात्रि को महकमा जाग उठा और पूरे शहर में सम्मानित होती महिला के साथ लगे सरकार के होर्डिंग हटाने का अभियान चलाना। जब हटाकर नए लगा दिए गए, तब कहीं जाकर जान में जान आई।