एक विधायक जी छोटे हाकिम से एक कार्यक्रम के चक्कर में खफा हो गए। मामला चूंकि नियम-कायदे का था तो विधायक छोटे हाकिम का कुछ कर तो नहीं पाए लेकिन उनके अतिरिक्त कार्यभार को मुद्दा बना दिया। छोटे हाकिम कहां दबने वाले, उन्हें भी अपना पावर रटा हुआ है।
आखिर में विधायक के एक दांव पर अतिरिक्त कार्यभार छिन गया। लेकिन उनके स्थान पर जो छोटी हाकिम आई हैं वह पुराने वाले से ज्यादा कायदा-कानून वाली हैं। जब वह तहसील में थीं तो विधायक के समर्थक उनका अड़ियलपन देख चुके हैं। समर्थक माथा पकड़ कर बैठे हैं कि एक बबाल गया, उससे बड़ा आ गया।
अपना सा मुंह लेकर चले गए
एक बड़े विवि की बैठक में गपशप का नजारा एकदम सन्नाटे में बदल गया। हुआ यह था कि विवि से जुड़े एक संस्थान के कुछ अधिकारी बड़े साहब से मिलने का इंतजार कर रहे थे। आधा घंटा इंतजार के बाद साहब सामने आए तो एक अधिकारी ने तपाक से अपना परिचय दिया।
साहब के दिमाग में तो पहले से ही लावा भरा था, फूट पड़ा। ‘आपसे हमारा कोई मतलब नहीं। कोई रिश्ता नहीं। मिलने का क्या मतलब? अधिकारी महोदय रिरियाने वाले मोड में आ गए। लेकिन बड़े साहब का पारा सातवें आसमान से नीचे आने को तैयार ही नहीं था। अधिकारी अपना सा मुंह लेकर चले गए। लोग बुदबुदाए-‘शायद साहब ने इनके संस्थान का जलवा नहीं देखा।’
विरोध से ही तो राजनीति चमकेगी
प्रदेश में स्कूलों के वर्गीकरण का मसला राजनीति को चमकाने का जरिया बन गया है। मामला राजनीति का है तो वर्गीकरण चाहे अच्छा हो या बुरा विरोध तो करना ही है। संघ के चुनाव होने हैं तो गुरुओं ने हर तरफ बिसात बिछा दी है। कोई मुद्दा मिल जाए कि पिल पड़ें।
एक जगह कुछ गुरू जी इकट्ठे थे। बस यही चर्चा चल रही थी कि क्या किया जाए? तभी कुछ लोग बोल पड़े लो सामने वर्गीकरण का मुद्दा पड़ा है, इसी को भांजा जाए। इसका जितना विरोध करेंगे उतना ही राजनीति चमकेगी।
आवाज उठाओ, शिकायत कराओ
पावर’ वाले एक महकमे में आजकल अजीब खेल चल रहा है। हर कोई एक-दूसरे को मात देने में लगा है। महकमे में जो भी अपना पावर दिखाने की कोशिश करता है। बड़े ‘पावर’ वाले अपना पावर दिखाने लगते हैं।
जैसे ही किसी ने आवाज उठाई, तुरंत किसी सफेदपोश या किसी गुमनाम व्यक्ति की ओर से शासन में लिखित शिकायत भिजवाई। शिकायत का कोई मानक भी नहीं है। यह किसी भी बात पर हो सकती है। कई लोगों के घरों के पुलिस वाले जांच के लिए चक्कर काट रहे हैं। कई लोग कहते रहे कि क्यों शिकायत करो, खामख्वाह पोल खुलवाओ।