ऊर्जा के तीनों निगमों के अधिकारी-कर्मचारी नेता इन दिनों प्रबंधन पर अपनी पावर दिखा रहे हैं। ऊर्जा निगम, पिटकुल और यूजेवीएनएल निगमों में दो गुटों में बंटे कर्मचारी नेता इस पॉवर के लिए जुगत भिड़ा रहे हैं।
पॉवर दिखाने के लिए अलग-अलग तरीके आजमाए जा रहे हैं। कोई सत्याग्रह कर रहा है तो कोई पहले प्रबंधन पर गुर्राता है और फिर उनके गुणगान करने में भी पीछे नहीं हटता। प्रबंधन भी कर्मचारियों में पड़ी इस फूट से गदगद है।
प्रबंधन भी चल रहा अपनी चाल
एक विशेष गुट को आगे कर प्रबंधन ने दूसरे गुट की खिलाफत करने की ठान ली है। जिस गुट की खिलाफत प्रबंधन के बड़े ‘पॉवरमैन’ कर रहे हैं, उन पॉवरमैन पर पुराने निगम से पेंशन और नये निगम से वेतन लेने, पूर्व के निगम में निलंबन की कार्रवाई होने समेत कई आरोप हैं।
अब पॉवरकर्मियों का कहना है कि ऐसे अफसर अपनी पॉवर दिखाकर नीचे के अफसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर चार्जशीट दे रहे हैं।
अंदरखाने तो गपें ये लग रही हैं कि यह सब प्रबंधन पर अपनी पॉवर दिखाकर अपने अटके काम निकालने का पूरा खेल है।