एमडीडीए अभियंताओं के तबादले ने नेताओं की बेचैनी बढ़ा दी है। आवास मंत्री प्रीतम सिंह पंवार ने उन्हीं का ‘कनेक्शन’ काटा है, जिन्हें प्राधिकरण में ‘वेल कनेक्टेड’ कहा जाता है।
मंत्री ने ‘महारथी’ अभियंताओं के पंख कतर कर दूसरों को सबक लेने की नसीहत दे दी है। तबादलों के इस खेल के केंद्र बिंदु में मसूरी है, जहां अधिकांश नेताओं की संपत्ति है।
मसूरी पर होता था नेताओं का फोकस
अब तक आवास विभाग सबसे ज्यादा वक्त तक मुख्यमंत्री के पास रहा है। उनके नजदीकी नेता और मंत्री के खास अलग-अलग अभियंता रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि नेताओं के समर्थकों ने अलग-अलग क्षेत्रों में कब्जे कर रखे हैं। वहीं, कुछ को नेताओं ने खुद बसाया है।
अधिक फोकस वाला क्षेत्र मसूरी है, क्योंकि यहां करीब हर मंत्री और नेता की संपत्ति है। इसी कारण मसूरी का एई पावरफुल माना जाता है। प्राधिकरण कर्मचारियों का कहना है कि इसकी हर वीआईपी से सेटिंग रहती है।
दो एई तथा चार जेई बदले
एमडीडीए के दो एई का तबादला हुआ है, उनमें मसूरी के एई श्याम मोहन शर्मा हैं। अधिकारी बताते हैं कि वह 12-13 साल से यहां तैनात हैं। उन्हें सबसे पावरफुल अभियंता की श्रेणी में रखा जाता है। दूसरे एई जीसी भट्ट हैं।
उनके कार्यक्षेत्र में कौलागढ़, चकराता रोड, पलटन बाजार और लक्ष्मणवाला क्षेत्र आता है। इसके अलावा चार जेई भी ट्रांसफर किए गए हैं। यह भी किसी न किसी नेता के खास हैं।
तबादला रुकवाने में जुटे नेताजी
इनके तबादले के बाद नेताओं में सबसे अधिक बेचैनी हो गई है। वे अपने खास का तबादला रुकवाने में लगे हैं। अभी कुछ और अभियंताओं के तबादला संभावित है, जिसे रोकने के लिए कार्मिक विभाग के अफसरों पर दबाव बनाया जा रहा है।
नेताओं को डर है कि मनमाफिक अभियंता को चार्ज नहीं मिला तो अवैध कब्जा कर रह रहे समर्थकों की शामत आ सकती है।
शुक्रवार को आई तबादले की सूची
शुक्रवार को चार जेई के तबादले की सूची एमडीडीए में आ गई। इनमें संजीव अग्रवाल का गंगोत्री, उमापति भट्ट, सुधीर गुप्ता, प्रेमपाल सिंह का टिहरी तबादला किया गया है।