मशहूर अंग्रेजी साहित्यकार रस्किन बांड से मिलने का मोह हर किसी को होता है। अबकी बांड राजपुर रोड स्थित एक पब्लिशर के यहां अपनी नई किताब की लांचिंग के लिए आए तो बच्चों के सवाल के जवाब भी दिए।
हिचक से नहीं पूछ पा रही थीं सवाल
इनके बीच एक स्कूल की हिंदी शिक्षिका भी थीं, जो रस्किन से कुछ सवाल करना चाहती थीं, लेकिन अंग्रेजी कम जानने की हिचक की वजह से नहीं पूछ पा रही थीं। वह बार-बार स्कूल के एक बच्चे के कान में अपना सवाल दोहराती और उससे सवाल पूछने को कहतीं।
बच्चा बारी आने पर पूछने की बात दोहराता। आखिर जब खासी देर बाद भी बच्चे ने सवाल नहीं पूछा तो हिंदी की मैडम झल्लाकर बोलीं। मुझे ही पेपर पर लिखकर दे दो कि अंग्रेजी में मेरे सवाल को कैसे पूछेंगे? बच्चा उनकी तरफ देखकर मुस्कराया।
बोला- मैडम, आप हिंदी में पूछ लीजिए। रस्किन सर को हिंदी आती है। यह सुन मैडम पानी-पानी हो गईं। बोलीं- सॉरी बेटा, मैं अपने-आप पूछ लूंगी।