गूगल ब्वॉय के नाम से मशहूर हरियाणा के जीनियस बच्चे कौटिल्य पंडित ने गुरुवार को जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से दीक्षा ली।
हरिद्वार में दीक्षा के बाद जब कौटिल्य से पूछा गया कि शंकराचार्य का मतलब समझते हैं तो उसने कहा कि शंकराचार्य मतलब हिंदू धर्म के हेड।
कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में कौटिल्य को दोपहर करीब 12 बजे दीक्षा दी गई।
वेद धर्मग्रंथों को पढ़ाने की विशेष व्यवस्था
इस दौरान स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने बताया कि उन्होंने कौटिल्य को अध्यात्म की दीक्षा दी है।
यह दीक्षा ग्रहण करने के बाद वह अपने माता-पिता के साथ ही रहेगा। उसके लिए गीता और वेद धर्मग्रंथों को पढ़ाने की विशेष व्यवस्था की जाएगी।
दीक्षा ग्रहण करने के बाद अमर उजाला से बात करते हुए कौटिल्य ने कहा कि दीक्षित होकर वह बेहद खुश है।
'शंकराचार्य का पूरा शिष्य'
कौटिल्य ने कहा कि शंकराचार्य ने उसे दीक्षित करते हुए जो मंत्र बताया है, उसे वह पापा को भी नहीं बताएगा।
कौटिल्य से जब दीक्षा का मतलब पूछा गया तो उसने कहा कि शंकराचार्य का पूरा शिष्य।
कौटिल्य ने बताया कि वह अंतरिक्ष यात्री बनना चाहता है और अंतरिक्ष के रहस्यों को जानना चाहता है।
कौन है कौटिल्य
पंचकुला हरियाणा के भवन विद्यालय में कक्षा दो का छात्र कौटिल्य देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुका है।
हर सवाल का जवाब तत्काल देने में माहिर कौटिल्य की उम्र महज साढ़े छह साल है।
उसके माता-पिता सुमिता शर्मा और सतीश शर्मा हरियाणा के ही करनाल में रहते हैं। कौटिल्य पंचकुला में अपने दादा जयकिशन के पास रहकर पढ़ाई कर रहा है।
पिता सतीश शर्मा ने बताया कि दो साल की उम्र से ही कौटिल्य की प्रतिभा दिखाई देने लगी थी। देश-दुनिया के बारे में वह झटाक से जवाब देता है।