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सात जुलाई को दिल्ली में गंगा मंथन करेंगी उमा भारती

Sun, 29 Jun 2014 01:35 AM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
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केंद्रीय जल संसाधन एवं गंगा अभियान मंत्री उमा भारती की ओर से प्रस्तावित गंगा मंथन सेमिनार अब सात जुलाई को दिल्ली में होगा। पहले यह सेमिनार पांच जुलाई को होना था।
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सेमिनार में सभी अखाड़ों के प्रतिनिधि, प्रमुख संत और गंगा अभियान से जुड़े लोग शामिल होंगे। सेमिनार में गंगा की निर्मलता और अविरलता पर मंथन होगा।

शनिवार को हरिद्वार आईं उमा भारती ने बताया कि सेमिनार की तिथि में संशोधन किया गया है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि गंगा पर वृहद एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है।

गंगोत्री से गंगा सागर तक बनेगा प्लान

उमा भारती ने कहा क‌ि गंगा पर हर बार टुकड़ों-टुकड़ों में काम हुआ है लेकिन इस बार गंगोत्री से गंगा सागर तक एक प्लान पर एक साथ काम किया जाएगा।

सेमिनार में गंगा अभियान से किसी न किसी रूप में जुड़े लोगों के विचार सामने आएंगे। उससे प्लान का खाका बनाने में मदद मिलेगी।

सूचना है कि सेमिनार में हरिद्वार के सभी अखाड़ों के प्रतिनिधि, जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज, स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण, मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती, निवृत्त शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी, रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य के अलावा आदि लोगों को न्योता दिया गया है।
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प्रदेश को नुकसान नहीं होने देंगे: उमा

उमा भारती ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे गंगा की अविरलता बनी रहे और परियोजनाएं भी चलती रहें। किसी योजना से यदि उत्तराखंड के 10 लोगों का रोजगार छिना तो उसकी जगह 100 अवसर पैदा किए जाएंगे।

दिव्य प्रेम सेवा मिशन में पत्रकारों से उमा ने कहा कि उन्हें बांध विरोधी कहा जाने लगा था, जबकि वह विकास की विरोधी कभी नहीं रही।

उन्होंने कहा कि ईको सेंसटिव जोन का कई जगहों पर विरोध हुआ था। इसकी जगह ईको फ्रेंडली जोन बनना चाहिए था। इसके साथ जनांदोलन और जनभावना जोड़ी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि नदियों को लेकर जो भी योजना बनेगी, उससे उत्तराखंड को हानि नहीं होने दी जाएगी। पत्रकारों की ओर से जिले में अवैध खनन के सवाल पर उमा भारती ने कहा कि नदियों में खनन जरूरी है लेकिन तरीका सही होना चाहिए।
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