अभी तक आपने बप्पी लहरी को सोने से लदा हुआ देखा होगा, लेकिन हरिद्वार के गोल्डन बाबा साढ़े आठ किलो सोना पहनते हैं।
एक-दो-तीन तौला की सोने की चेन तो आपने सुनी होगी लेकिन सुनकर विश्वास करना भी मुश्किल है कि कोई व्यक्ति डेढ़ किलोग्राम सोने की चेन पहनता है।
बात केवल चेन पर खत्म नहीं होती। दोनों हाथों में एक-एक किलोग्राम का ब्रैसलेट है। शरीर पर पूरे साढ़े आठ किलोग्राम सोने के आभूषण हैं। सोने के प्रति सुधीर कुमार की दीवानगी ने ही उन्हें गोल्डन बाबा बना दिया।
पहले गोल्डन बाबा को कोई नहीं जानता था
गोल्डन बाबा उर्फ सुधीर कुमार मूलरूप से गाजियाबाद के रहने वाले हैं। पिछले 22 साल से हरिद्वार से कांवड़ लेकर दिल्ली के शिवालय में चढ़ाते हैं।
मंगलवार की रात हरकी पैड़ी से कांवड़ लेकर दिल्ली के लिए निकले हैं। ये देखने में साधारण से व्यक्ति हैं लेकिन सोने से लदा इनका शरीर सबका ध्यान अपनी ओर खींचता है।
गले में सोने की मोटी-मोटी चेन, हाथों में ब्रासलेट, भारी-भारी अगूंठियां देखकर राह चलते गोल्डन बाबा को देखने के लिए रुक जाते हैं। प्रयाग कुंभ से पहले गोल्डन बाबा को कोई नहीं जानता था।
पहली बार सुधीर कुमार साढ़े आठ किलोग्राम सोना पहनकर प्रयाग कुंभ में प्रकट हुए और लोगों ने उनका नाम गोल्डन बाबा रख दिया। गृहस्थ जीवन जीने वाले सुधीर कुमार की पहचान शरीर पर पहना सोना ही बन गया है।
सुरक्षा पर दस लाख रुपए खर्च
इतना सोना पहनकर सहज जीवन जीना मुश्किल है। शायद यही कारण है कि गोल्डन बाबा को सोने की सुरक्षा के लिए बड़ा तामझाम रखना पड़ता है।
उन्होंने प्राइवेट सिक्योरिटी हायर की है। प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी के छह गार्ड हर समय उनके साथ रहते हैं।
दिनरात गोल्डन बाबा इन्हीं गार्डस के पहरे में रहते हैं। सोने की सुरक्षा पर साल भर में आठ-दस लाख रुपए का खर्च आता है।
इसके अलावा बाबा के करीब 10 भक्त हर समय साथ रहते हैं। जो हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर रखते हैं।
शादी में दूल्हा-दुल्हन छोड़ने देखने लगे गोल्डन बाबा
गोल्डन बाबा से जब पूछा गया कि क्या अत्यधिक आभूषणों की वजह से कभी दिक्कत अथवा असहज स्थिति का सामना करना पड़ा तो उन्होंने बताया कि वह कहीं भी जाते हैं तो लोग उन्हें घेर लेते हैं।
भक्तों की भीड़ इतनी बढ़ जाती है कि प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों का सहारा लेना पड़ता है। शादी समारोह का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि शादी में गए तो लोग दूल्हा-दुल्हन को छोड़कर उन्हें देखने में लग गए।
दूल्हा-दुल्हन स्टेज पर अकेले बैठे रह गए और गोल्डन बाबा के पास भीड़ जुट गई।
आदत से फक्कड़ शौंक से शहंशाह
गोल्डन बाबा शौंक से शहंशाह तो आदत से पूरी तरह फक्कड़ है। जहां भी जाते हैं गंगा अथवा अन्य किसी नदी के घाट और तालाब आदि के किनारे डेरा लगा लेते हैं।
खाना भी भक्त वहीं पर बना देते हैं। खाने-पीने और रहने पर कोई विशेष खर्च नहीं। लेकिन सोना पहनने की ललक और किसी भी कार्यक्रम में पैसा उड़ाने की उनकी आदत उन्हें शहंशाह बनाती है।
सोमवार को हरिद्वार में आयोजित एक कार्यक्रम में भी गोल्डन बाबा ने हजारों रुपये हवा में उड़ाए।
हरिद्वार से दिल्ली कांवड़ का खर्च 65 लाख
गोल्डन बाबा मंगलवार को हरिद्वार से कांवड़ लेकर निकले हैं। उनके साथ भक्तों का पूरा काफिला, बैंडबाजा, जेनरेटर, सुरक्षाकर्मी और खाने-पीने का पूरा इंतजाम है।
25 जुलाई को गांधीनगर दिल्ली में कांवड़ चढ़ाएंगे। गोल्डन बाबा के मुताबिक उनकी कांवड़ यात्रा पर करीब 65 लाख रुपए खर्च आएगा। उन्होंने बताया कि पिछले साल कांवड़ यात्रा पर 40 लाख रुपए का खर्च आया था।
मैंने अधिकतर सोना अपनी मेहनत से कमाया है। कुछ भक्तों की ओर से दान में दिया गया है। सोना पहनना मेरा शौंक है। बचपन से सोना पहन रहा हूं। धीरे-धीरे बढ़कर यह साढ़े आठ किलोग्राम हो गया। अगली शिवरात्रि तक यह 11 किलोग्राम हो सकता है। कुछ बुरे कर्म मैंने किए हैं, अध्यात्म जीवन में उनका प्रायश्चित कर रहा हूं। गोल्डन बाबा नाम भक्तों ने दिया है। प्रयाग कुंभ के बाद से मेरे भक्त मुझे गोल्डन बाबा कहने लगे हैं।
- गोल्डन बाबा उर्फ सुधीर कुमार
गोल्डन बाबा को नोटिस
हरकी पैड़ी से बिना अनुमति के जुलूस निकालने पर गोल्डन बाबा फंस गए हैं। हरिद्वार पुलिस ने मंगलवार देर रात पुल जटवाड़ा के गंगा घाट पर पहुंचकर पूजा अर्चना कर रहे गोल्डन बाबा को नोटिस थमा दिया।
मंगलवार शाम गोल्डन बाबा ने अनुयायियों के साथ हरकी पैड़ी से बाकायदा ढोल-बाजे के साथ जुलूस निकाला था।
अपर रोड पर जुलूस पहुंचा तो शहर कोतवाली पुलिस ने रुकवा दिया। लेकिन तब तक गोल्डन बाबा कुछ अनुयायियों के साथ आगे निकल चुके थे। जबकि 40 अनुयायियों एवं बाजेवालों का पुलिस ने चालान कर दिया।
देर रात मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया। उसके बाद गोल्डन बाबा पर शिकंजा कसने की रणनीति बनाई।
शहर कोतवाली पुलिस ने देर रात पुल जटवाड़ा के घाट पर पूजा अर्चना कर रहे गोल्डन बाबा को नोटिस थमाया।
एसएसआई पंकज देवरानी ने बताया कि नोटिस में पूछा गया है कि कांवड़ मेले में बिना अनुमति के जुलूस निकालकर कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की गई है, यदि जुलूस की अनुमति ली थी तो अनुमति दिखाएं वरना, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।