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OMG: ऑनलाइन बिक रहा बकरी का दूध, 2500 रुपये लीटर!

Mon, 21 Sep 2015 01:24 PM IST
अनिल चन्दोला/अमर उजाला, देहरादून
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डेंगू के बढ़ते मामलों से लोग बेहद खौफ में हैं। डेंगू से बचाव और उपचार के लिए तमाम तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। डेंगू में लाभकारी बताए जा रहे बकरी के दूध से लेकर पपीते की पत्तियों के रस की गोलियों तक की बिक्री में उछाल आ आया है। विशेषकर बकरी के दूध की खरीदारी हो रही है।
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स्थानीय स्तर पर उपलब्धता कम होने के कारण लोग ऑनलाइन इसकी खरीद कर रहे हैं। सभी प्रमुख ऑनलाइन ट्रेडिंग साइटों पर यह बिक्री के लिए उपलब्ध है।

डेंगू का असर बढ़ने के बाद फेसबुक व वॉट्स-एप समेत तमाम सोशल साइटों पर इसके उपचार के तरीके शेयर किए जा रहे हैं। बकरी के दूध और पपीते की पत्तियों के रस को डेंगू में प्रभावी बताया जा रहा है। इसे न सिर्फ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में लाभकारी बताया जा रहा है बल्कि उपचार में भी बेहद प्रभावी कहा जा रहा है।

ऑनलाइन टेड्रिंग साइटों पर 100 से 2500 रुपये लीटर

बच्चों में डेंगू की आशंका को खत्म करने के लिए नियमित तौर पर बकरी का दूध पिलाने की सलाह दी जा रही है, जिसके बाद इसकी मांग में खासा इजाफा हुआ है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर दूध की आपूर्ति बेहद कम है। इनामुल्ला बिल्डिंग और भंडारी बाग में कुछ स्थानों पर बकरी का दूध बिक रहा है।

लोग बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर्स में भी बकरी के दूध के संबंध में पूछताछ कर रहे हैं। दूसरी ओर, सभी प्रमुख ऑनलाइन ट्रेडिंग साइटें (अमेजन, फ्लिपकार्ट और स्नैपडील आदि) लोगों के इस डर का खूब फायदा उठा रही हैं।

35 से 50 रुपये प्रतिलीटर तक बिकने वाला बकरी का दूध इन दिनों 100 से 500 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है। पुराना सामान बेचने वाली ट्रेडिंग साइट ओएलएक्स पर भी दूध बेचा जा रहा है। यहां दूध की कीमत 1000 से 2500 रुपये प्रति लीटर है। वहीं, दुकानों में पपीते की पत्तियों के रस की 1000 आयुर्वेदिक गोलियों का डिब्बा 500 रुपये में बिक रहा है।
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बकरी के दूध और डेंगू का क्या है मेड‌िकल कनेक्शन

बकरी का दूध और पपीते की पत्तियों का रस डेंगू के उपचार में कितना कारगर है, इसको लेकर चिकित्सक स्पष्ट तौर पर कुछ कहने से बच रहे हैं।

दून अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आलोक तेवतिया ने बताया कि मेडिकल साइंस में इसकी कोई प्रमाणिकता नहीं है। डेंगू के मामलों में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी आवश्यक है। रोगी के शरीर में पानी की कमी न हो, इसका जरूर ध्यान रखा जाना चाहिए।
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